उत्तराखंड: पिथौरागढ़ में हालात बेहद खराब, हरीश रावत बोले-यहां केदारनाथ त्रासदी जैसा हाल

पिथौरागढ़ में चीन सीमा को जोड़ने वाली 3 सड़कों समेत 33 रोड ब्लॉक हैं। ऑलवेदर रोड पर मलबा आने की वजह से जिले का दूसरे क्षेत्रों से संपर्क कट गया है।
Advertisement ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
Uttarakhand rain: Landslides caused by heavy rains in Pithoragarh
Image: Landslides caused by heavy rains in Pithoragarh

देहरादून: मानसूनी बारिश पहाड़ी इलाकों के लिए काल साबित हो रही है। भूस्खलन की वजह से जगह-जगह सड़कें ब्लॉक हैं। नदियां-गधेरे उफान पर हैं। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक, हर तरफ तबाही का मंजर नजर आ रहा है। बात करें कुमाऊं क्षेत्र की तो यहां आसमान से बरस रही आफत ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कुमाऊं में मूसलाधार बारिश ने बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंहनगर जिले के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई। यहां पिछले दो दिन से लगातार बारिश हो रही है। बारिश से तापमान में गिरावट आई है, वहीं नदी-नाले भी उफान पर हैं। पहाड़ दरक रहे हैं, जिस वजह से लोग डरे हुए हैं। पिथौरागढ़ में भी बारिश से तबाही का सिलसिला जारी है। मुन्स्यारी और धारचूला सीमांत क्षेत्रों की प्राकृतिक आपदा को पूर्व सीएम हरीश रावत ने केदारनाथ आपदा की पुनरावृत्ति करार दिया है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रो के भर्मण के दौरान उन्होंने इस प्रकार की आपदा पहले नहीं देखी। मुन्स्यारी और धारचूला क्षेत्र में पहाड़ियों की तलहटी नहीं बल्कि चोटियों से भूस्खलन हुआ है। जो कि भूगर्भिक हलचल के प्रमाण प्रस्तुत कर रही है।

यह भी पढ़ें - गढ़वाल: रिटायरमेंट के बाद पूर्व DSP ने बदली गांव की तस्वीर, पुश्तैनी घर को बनाया होम स्टे
पिथौरागढ़ जिले में ऑलवेदर रोड पर मलबा आ जाने की वजह से जिले का दूसरे क्षेत्रों से संपर्क टूट गया है। मौसम विभाग ने आज पिथौरागढ़ समेत कुमाऊं के 4 जिलों के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में आज भारी बारिश होने की संभावना है, उनमें पिथौरागढ़, नैनीताल, बागेश्वर और ऊधमसिंहनगर जैसे जिले शामिल हैं। यहां शुक्रवार को कुछ जगहों पर तीव्र दौर के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। कहीं-कहीं बिजली गिरने की आशंका भी जाहिर की गई है। इस वक्त कुमाऊं के ज्यादातर क्षेत्रों में बादल छाए हैं। बागेश्वर, नैनीताल, रुद्रपुर, हल्द्वानी और पिथौरागढ़ में झमाझम बारिश हो रही है।पिथौरागढ़ में लगातार जारी बारिश की वजह से लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है। जिले में रातभर बारिश के बाद घाट-पिथौरागढ़ के बीच स्थित ऑलवेदर रोड पर मलबा आ गया। जिस वजह से इस रोड पर गाड़ियों की आवाजाही थम गई है। जिले का दूसरे क्षेत्रों से संपर्क टूट गया है। जिले में चीन सीमा को जोड़ने वाली 3 सड़कों समेत 33 सड़कें बंद हैं। सड़कें ब्लॉक होने की वजह से गांवों तक जरूरत का सामान नहीं पहुंच रहा। धारचूला के ग्वाल गांव में भी भारी भूस्खलन हुआ है। जिससे लोगों में दहशत है। काली और गोरी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मुनस्यारी में भी तबाही का सिलसिला जारी है। यहां धापा गांव में पहाड़ी से विशाल बोल्डर गिरने लगे। बोल्डर की चपेट में आने से एक ग्रामीण घायल हो गया। घायल शख्स को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती काराया गया है।