गुफा के अंदर कुछ ऐसी आकृतियां हैं, जिन्हें देखकर लोग हैरान हैं। ये रहस्यमयी गुफा लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। आगे पढ़िए पूरी खबर
-
Komal Negi
-
Advertisement
Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!
Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast
Example Ads Media
Image: Cave found during excavation in Pithoragarh
पिथौरागढ़: देवभूमि उत्तराखंड...कहते हैं यहां कण-कण में देवता निवास करते हैं। यहां ऐसे कई स्थान हैं जो आज भी विज्ञान के लिए अबूझ पहेली बने हुए हैं। कई जगह तो आस्था के सामने विज्ञान भी नतमस्तक नजर आता है। प्रकृति का ऐसा ही एक चमत्कार पिथौरागढ़ में सामने आया है। यहां मंदिर में खुदाई के दौरान एक रहस्यमयी गुफा मिली है। गुफा के अंदर कुछ ऐसी आकृतियां हैं, जिन्हें देखकर लोग हैरान हैं। रहस्यमयी गुफा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। गुफा में शिवलिंग और देवी-देवताओं की आकृतियां बनी हैं। लोग गुफा में पूजा करने के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे हैं। ये गुफा खनपर गांव में मिली है, जो कि कनालीछीना विकासखंड के अंतर्गत आता है। खनपर गांव के पास गुफा वाली माता के नाम से एक प्रसिद्ध मंदिर हैं। यहां पर धर्मशाला, सौंदर्यीकरण और आंगन का निर्माण किया जा रहा है। तीन दिन पहले यहां पर पोकलैंड मशीन से चट्टानों को काटा जा रहा था, कि तभी खुदाई के दौरान रहस्यमयी गुफा दिखाई दी। गुफा के अंदर रहस्यमयी आकृतियां बनी हुई थीं। गुफा में श्वेत शिवलिंग नजर आया, उसके ऊपर जलधारा टपक रही थी। आगे पढ़िए
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: 8 महीने बाद घर पहुंचा शहीद राजेन्द्र नेगी का पार्थिव शरीर, नम आंखों से विदाई
इसके अलावा जलकुंड, शंख और दूसरी कई कलाकृतियां भी नजर आईं। लोग ये सोचकर हैरान हैं कि आखिर गुफा के भीतर ये कलाकृतियां कहां से आईं। यह गुफा 15 मीटर लंबी और 10 मीटर चौड़ी है। बताया जा रहा है कि गुफा काफी प्राचीन है। गुफा के भीतर सफेद पत्थर की कई कलाकृतियां दिखाई दे रही हैं। लोग मंदिर के पास स्थित गुफा को देखने के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे हैं। प्रवेश द्वार के पास गुफा की ऊंचाई लगभग चार फीट और अंदर सात फीट है। भीड़ के चलते फिलहाल यहां खुदाई का काम रोक दिया गया है। स्थानीय निवासियों ने कहा कि मंदिर के पास मिली गुफा को पाताल भुवनेश्वर की तर्ज पर विकसित किया जा सकता है। उन्होंने पुरातत्व विभाग से गुफा का सर्वेक्षण करने की मांग की। वहीं पुरातत्वविदों ने जल्द ही गुफा का सर्वेक्षण करने की बात कही है। ताकि इस क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाई जा सके