उत्तराखंड: 18 सितंबर से भक्तों के लिए खुलेंगे गर्जिया देवी के द्वार, इन नियमों का ध्यान दें

उत्तराखंड के प्रसिद्ध गर्जिया मंदिर को आने वाले 18 सितंबर से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। मंदिर में एक बार में 20 श्रद्धालु ही दर्शन कर सकते हैं। पढ़िए पूरी खबर-
Advertisement Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination

Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.

Example Ads Media
Garjia Devi Temple: The gates of Garjia Devi Temple will open from September 18
Image: The gates of Garjia Devi Temple will open from September 18

नैनीताल: कोरोना लोगों के साथ ही भगवान के ऊपर भी कहर बरसा रहा है। कोरोना वायरस के चलते इस वर्ष एक ओर कई धार्मिक यात्रा स्थगित हुई हैं तो दूसरी ओर कई मंदिरों को भी कुछ समय के लिए दर्शन हेतु भी बंद कर दिया गया है। इन्हीं में से एक है उत्तराखंड के रामनगर में स्थित गर्जिया मंदिर। उत्तराखंड रामनगर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर है स्थित गर्जिया देवी मंदिर के दर्शन करने हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यह अनुमान है कि हर वर्ष 5 लाख से भी अधिक श्रद्धालु यहां पर दर्शन करने आते हैं। कोरोना के कारण गर्जिया मंदिर को भी दर्शन हेतु बंद कर दिया गया था। मगर अब गर्जिया मंदिर को आने वाले 18 सितंबर से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। बीते रविवार को मीटिंग में यह तय किया गया कि आने वाले 18 सितंबर से मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएंगे। मगर उससे पहले कुछ नियमें और शर्ते होंगी जिस को मानना अनिवार्य होगा। मंदिर के कपाट खोलने के साथ ही मंदिर समिति के द्वारा सख्त रूल्स बनाए गए हैं। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड के 6 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मंदिर समिति अध्यक्ष केएस अधिकारी ने बताया कि मुख्य मंदिर में प्रवेश से पहले परिसर स्थित समिति के दफ्तर में आधार कार्ड से पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।बिना पंजीकरण वाले श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। केवल वही वाहन अंदर जा सकते हैं जिनका पंजीकरण समिति की ओर से किया गया होगा। इसी के साथ मुख्य मंदिर के अंदर एक बार में केवल 20 लोगों को भी दर्शन की अनुमति होगी। केवल 20 लोग एक बार में मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। वही मंदिर के मुख्य मार्ग पर ही सभी लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी और उन को सैनिटाइज किया जाएगा। इसी के साथ मुख्य मंदिर में पूजा और प्रसाद सामग्री ले जाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। मंदिर सुबह 8 बजे से लेकर शाम के 4 बजे तक ही दर्शन के लिए खोला जाएगा। मंदिर परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा। इसी के साथ मास्क लगाना भी अनिवार्य होगा। मुख्य मार्ग और मंदिर परिसर दोनों जगह पुलिस प्रशासन की व्यवस्था की जाएगी ताकि किसी भी नियम का उल्लंघन न हो।