ग्रामीणों की एकता और समझदारी के कारण चमोली जिले में स्थित देश के अंतिम गांव माणा में अबतक लॉकडाउन लगा है जिस कारण बेहिसाब बढ़ते आंकड़ों के बीच गांव के कुल 150 परिवारों को अबतक कोरोना छू तक नहीं सका है। पढ़िए पूरी खबर-
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Komal Negi
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Image: Lockdown in Mana village
चमोली: उत्तराखंड में कोरोना के आंकड़े बेहद भयानक हैं। कोरोना लगातार राज्य के लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। क्या पहाड़ और क्या मैदान, कोरोना वायरस ने हर जगह पांव पसार रखे हैं। वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार अनलॉक-4 के तहत राज्य के अंदर अधिकतर सुविधाओं को खोलने की तैयारी में जुटी हुई है। मगर अब भी राज्य के अंदर एक ऐसा गांव मौजूद है जहां पर अभी लॉकडाउन चालू है जिस कारण गांव अब भी कोरोन्मुक्त हो रखा है। जी हां, देशभर में कोरोनावायरस के कारण उत्पन्न हो रही परिस्थितियों को देखते हुए चमोली जिले में स्थित देश के अंतिम गांव में आज भी लॉकडाउन जारी है। इस वजह से वहां के लोगों को कोरोना छू भी नहीं पाया है। ग्रामीणों की समझदारी और उनकी एकजुटता का परिणाम यह है कि माणा में अभी तक कोरोना वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है
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बता दें कि माणा गांव में ग्रामीण रोजमर्रा के कार्यों के लिए गांव से बाहर जाने में भी परहेज कर रहे हैं। माणा गांव बद्रीनाथ धाम से कुल 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर भोटिया जनजाति के ग्रामीण रहते हैं। कोरोना को देखते हुए देश भर में 6 महीने पहले से लॉकडाउन लगना शुरू हुआ। मगर अब सरकार धीरे-धीरे अनलॉक 4 की प्रक्रिया पर पहुंच चुकी है। मगर माणा गांव में पहले अनलॉक से ही लॉकडाउन को रखने का निर्णय लिया जो कि सफल होता दिखाई दे रहा है। इसी का परिणाम है कि गांव में अभी तक एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज की पुष्टि नहीं हुई है। मई के महीने से ही इस गांव के अंदर बाहर के लोगों की आवाजाही पूरी तरीके से बंद है। ग्रामीणों के साझे निर्णय से अबतक बाहर के लोगों की आवजाही शुरू नहीं हुई है जिससे माणा गांव में एक भी कोरोना केस नहीं आया है।
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यही वजह है कि जब देश में और राज्य में कोरोना के केस बेहिसाब बढ़ रहे हैं, वहीं माणा गांव में रह रहे 150 परिवारों में से किसी को भी कोई शिकायत नहीं हुई है। इसी के साथ चीन सीमा क्षेत्र में सैनिकों की आवाजाही बाधित ना हो इसके लिए ग्रामीणों ने गांव के समीप ही एक बायपास मार्ग भी बनाया है जिससे गांव भी सुरक्षित रहेगा और सेना के जवान भी सीमा क्षेत्र में आसानी से पहुंच जाएंगे। ग्राम प्रधान पितांबर जी का कहना है कि कई बार सेना के जवानों को वसुधारा और अन्य जगहों पर जाने के लिए माणा गांव से जाना पड़ता है। इसके लिए गांव के नीचे से एक वैकल्पिक रास्ता भी निकाला गया है जहां से सेना के जवान आराम से बिना गांववासियों के संपर्क में आए सीमा क्षेत्र तक आ-जा सकेंगे।