पहाड़ में 7 साल की मासूम बच्ची को उठा ले गया गुलदार, जंगल में मिली लाश

अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण में बीते शनिवार एक 7 साल की मासूम बच्ची को गुलदार ने अपना निवाला बना दिया और उसे जान से मार डाला।
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Almora news: Bhukiyasain leopard killed girl
Image: Bhukiyasain leopard killed girl

अल्मोड़ा: अल्मोड़ा जिले का भिकियासैंण..... यहां बीते शनिवार कुछ ऐसा हुआ जिसने सभी के होश उड़ा दिए। एक 7 वर्षीय मासूम बच्ची को गुलदार ने अपना निवाला बना लिया और बच्ची को जान से मार दिया। महज 7 वर्ष की बच्ची की जिंदगी का अंत इतना खौफनाक होगा यह किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। बता दें कि बच्ची नगर पंचायत के बारहकोट वॉर्ड की रहने वाली थी। बीते शनिवार वह घर के पास अपने तीन साथियों के साथ खेल रही थी तभी अचानक वहां पर गुलदार आ धमका और उसने खेलते हुए बच्चों के ऊपर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में तीन अन्य बच्चे बाल-बाल बच गए। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों के बीच में हड़कंप मच गया और वह तुरंत ही बच्ची को बचाने के लिए दौड़े मगर उसी बीच गुलदार बच्ची को दबोच कर अपने साथ जंगल की तरफ ले गया। लोगों ने आनन-फानन में वन विभाग की टीम को इस बारे में सूचित किया।

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वन विभाग की टीम ने लगभग डेढ़ घंटे तक जंगल के अंदर सर्च अभियान चलाया तब घटनास्थल के पास ही घनी झाड़ियों के बीच में 7 वर्षीय बच्ची का शव लहूलुहान हालत में बरामद हुआ। घटना के बाद से ही बच्ची के घर में कोहराम मचा हुआ है और उसके माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल है। चलिए अब आपको पूरी घटना से अवगत कराते हैं। यह घटना बीते शनिवार की शाम को तकरीबन 6 बजे के आसपास की है। पंचायत के बारहकोर्ट वॉर्ड निवासी गिरीश सिंह बिष्ट की बेटी 7 वर्षीय मासूम दिव्या अपने घर से 50 मीटर की दूरी पर ही आम के पेड़ के नीचे खेल रही थी और उसी के साथ आसपास के तीन अन्य बच्चे भी थे। तभी घनी झाड़ियों के पास घात लगाए गुलदार ने खेलते हुए मासूमों के ऊपर जानलेवा हमला कर दिया और दिव्या को दबोच कर को अपने साथ जंगल में ले गया। यह मंजर देख कर तीनों बच्चे जोर-जोर से चिल्लाने लगे।

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चिल्लाने पर दिव्या की मां कविता और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। हिम्मत जुटाकर लोगों ने उस तरफ गुलदार का पीछा किया जहां वह बच्ची को लेकर गया था। पुलिस प्रशासन को भी इस बात की सूचना दी गई। वन संरक्षण विभाग ने पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर सर्च अभियान चलाकर जिसमें डेढ़ घंटे के बाद दिव्या का शव घटनास्थल से तकरीबन 15 फीट दूर लहूलुहान हालत में घनी झाड़ियों से बरामद हुआ। जब दिव्या का शव वापस लाया गया उसकी मां अपनी बच्ची को मृत देख कर बेहोश हो गई। घटना के बाद से ही उसकी मां का रो-रो कर बुरा हाल है और वह बार-बार बदहवास हो रही है। 7 साल की मासूम दिव्या महज दूसरी कक्षा की छात्रा थी। उसके पिता गिरीश सिंह बिष्ट दिल्ली के एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। उन्होंने अपनी बेटी को लेकर जो सपने संजोए थे वे पल-भर में चूर हो गए हैं। उन्होंने यह सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी बच्ची की जिंदगी का इतना खौफनाक तरीके से अंत होगा। घटना के बाद से ही आसपास के लोगों के बीच में गुस्सा काफी अधिक बढ़ गया है और सभी लोग बेहद डरे हुए हैं। राजस्व उपनिरीक्षक संजय कुमार ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।