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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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देहरादून: चारधाम ऑलवेदर रोड परियोजना। पीएम नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट। इसके जरिए उत्तराखंड के चारधामों को आपस में जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। ऑलवेदर रोड के निर्माण को लेकर कोर्ट ने अहम फैसला दिया। इसके अनुसार परियोजना के तहत बन रही रोड की चौड़ाई 5.50 मीटर से अधिक नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर जहां प्रदेश में सियासत शुरू हो गई है तो वहीं जो रोड बन चुकी है, उसे लेकर भी लोगों के मन में कई सवाल थे। इन सवालों का जवाब मिल गया है। चारधाम ऑलवेदर रोड जितनी बनाई जा चुकी है, उस पर न्यायालय का आदेश लागू नहीं होगा। लेकिन परियोजना के जिस हिस्से में सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू नहीं हुआ है, वहां इसकी चौड़ाई 5.50 मीटर से अधिक नहीं होगी। इसके बाद केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की तरफ से इस संबंध में राज्य सरकार को दिशा-निर्देश भेजे गए हैं। उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने भी हाल में अपने एक फैसले में इस सड़क की चौड़ाई साढ़े पांच मीटर रखने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही संपूर्ण ऑलवेदर रोड परियोजना पर अदालत का फैसला लागू होने को लेकर बनी असमंजस की स्थिति साफ हो गई है। आपको बता दें कि ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत 889 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण हो रहा है। अब तक 400 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण का काम पूरा किया जा चुका है। आगे पढ़िए