जोशीमठ स्थित विकासखंड के किमाणा गांव में बीते मंगलवार को उल्टी और दस्त की शिकायत के चलते एक किशोरी ने दम तोड़ दिया।
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Komal Negi
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Image: Girl died due to vomiting in kimana village
चमोली: चमोली स्थित जोशीमठ के किमाणा गांव में बीते मंगलवार को कुछ ऐसा हुआ जिसने स्वास्थ्य विभाग के भी होश उड़ा दिए। जोशीमठ स्थित विकासखंड के किमाणा गांव में बीते मंगलवार को उल्टी और दस्त के कारण एक किशोरी की मृत्यु हो गई। केवल इतना ही नहीं है, किमाणा गांव में 28 और लोग दस्त और उल्टी से पीड़ित हैं। किमाणा में लोगों के बीच दस्त और उल्टी की शिकायतें बढ़ती ही जा रही हैं। जिस दिन युवती की मृत्यु हुई उसी के अगले दिन मृतका की मां की भी हालत गंभीर होने पर उनको ग्रामीणों द्वारा 12 किलोमीटर पैदल चलकर कुर्सी की पालकी में बैठा कर मुख्य सड़क तक लेकर आया गया और वहां से उनको स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। मृतका की मां को फिलहाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोशीमठ में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने किमाणा गांव में अपनी स्वास्थ्य टीम को भेजा है जहां उल्टी एवं दस्त से संक्रमित लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।
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जोशीमठ के किमाणा गांव में पिछले 5 दिनों से ग्रामीणों को उल्टी और दस्त की परेशानी हो रही है। अबतक कुल 28 लोग उल्टी एवं दस्त की चपेट में आ चुके हैं। बीते मंगलवार की शाम को गांव की युवती सिमरन की तबीयत अचानक से कुछ ज्यादा खराब हो गई। सिमरन को भी उल्टी और दस्त से जूझ रही थी। हालत बिगड़ने पर सिमरन को आनन-फानन में आयुर्वेदिक चिकित्सालय ले जाया गया मगर वहां पर चिकित्सक कर्मी के अवकाश पर होने के कारण सिमरन को इलाज नहीं मिल पाया। हालत गंभीर होने पर सिमरन ने दम तोड़ दिया। महज उल्टी और दस्त की शिकायत होने पर सिमरन के दम तोड़ देने के बाद गांव में भी लोग बेहद डरे हुए हैं। वहीं अगले ही दिन बुधवार की सुबह सिमरन की मां सुनीता देवी की भी हालत हद से ज्यादा बिगड़ गई। उनको भी उल्टी और दस्त की समस्या हो रही थी। गांव से मुख्य सड़क तक के लिए सड़क न होने के चलते ग्रामीण तकरीबन 12 किलोमीटर पैदल कुर्सी की पालकी बनाकर सुनीता देवी को मुख्य सड़क तक लाए जहां से उनको एंबुलेंस के जरिए जोशीमठ के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
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ग्राम प्रधान मुकेश सेमवाल का कहना है कि गांव के अंदर कुछ दिनों से लोगों के बीच में उल्टी और दस्त की शिकायतें बढ़ती ही जा रहे हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य रोशनी देवी के अनुसार गांव में कुल 28 अन्य लोग भी उल्टी और दस्त की समस्या से जूझ रहे हैं और चिकित्सा सुविधा न होने के चलते ग्रामीण घरेलू इलाज कर रहे हैं। यह माना जा रहा है कि किमाणा गांव में बीते कुछ दिनों से जो दस्त और उल्टी की समस्या तेजी से फैल रही है उसका कारण दूषित पानी है। गांव में लगभग 110 परिवार रहते हैं। यहां पेयजल की आपूर्ति गांव के बीच से बहने वाले प्राकृतिक स्त्रोत से की जाती है। कई साल पहले गांव के लिए पाइप लाइन लगाई गई थी लेकिन लाइन में अबतक पानी नहीं आया जिस कारण गांव निवासी प्राकृतिक स्त्रोत से पेयजल की आपूर्ति कर रहे हैं। वहीं चमोली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर जीएस राणा के अनुसार गांव में इतने अधिक लोगों को उल्टी और दस्त की समस्या होना बेहद चिंताजनक है। बात की सूचना मिलते ही तुरंत गांव में उनके द्वारा स्वास्थ्य टीम रवाना कर दी गई है। टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी पीड़ितों को दवा उपलब्ध कराई है। स्वास्थ्य टीम को आदेश हैं कि जांच के बाद मरीजों की हालत और खराब होती है तो उनको बिना किसी देरी के चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सालय लेकर जाएं।