गजब: पहाड़ी उत्पादों से शानदार कमाई कर रहा है ये परिवार, 25 महिलाओं को रोजगार से जोड़ा

वोकल फ़ॉर लोकल का नारा बुलंद कर रहे हैं उत्तरकाशी के प्रगतिशील किसान भरत सिंह राणा..पढ़िए पूरी खबर
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Uttarkashi News: Uttarkashi farmer Bharat Singh Rana
Image: Uttarkashi farmer Bharat Singh Rana

उत्तरकाशी: राणा परिवार क्षेत्र के बीस गांवों में ग्रामीण महिलाओं से स्थानीय उत्पाद खरीदकर उन्हें पार्सल के जरिये देश के विभिन्न राज्यों में भेजते हैं। जब लॉकडाउन के दौरान सड़कें सुनसान पड़ी थी और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप थी तब भरत सिंह के परिवार ने वोकल फॉर लोकल मुहिम के तहत महिलाओं द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पादों को पार्सल के माध्यम से बाजार तक पहुंचाने की एक अनोखी मुहिम की शुरुआत की और उसका नतीजा यह है कि वर्तमान में वह तकरीबन एक दर्जन से अधिक उत्पाद ऑनलाइन डिमांड पर पार्सल के जरिए देश के विभिन्न राज्यों में पहुंचा रहे हैं। राणा परिवार के इस मुहिम से जुड़ कर गांव के तकरीबन दो दर्जन से अधिक महिलाओं को रोजगार मिल रहा है जिससे " वोकल फॉर लोकल " का नारा और अधिक शक्तिशाली बनता नजर आ रहा है। भरत सिंह बताते हैं कि वे हिमरोल समेत क्षेत्र के तकरीबन 20 गांव की महिलाओं से स्थानीय उत्पाद खरीद कर लाते हैं।

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यह उत्पाद गांव की महिलाओं द्वारा बनाए गए होते हैं। इसी के साथ पैकिंग समेत उत्पाद तैयार करने का कार्य भी महिलाओं के जिम्मे होता है और ऐसे करके वे तकरीबन 20 महिलाओं को स्वरोजगार प्रदान कर रहे हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के " वोकल फॉर लोकल " अभियान को आगे बढ़ाते हुए भरत सिंह राणा व उनके पुत्र जगमोहन सिंह राणा ने गांव की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को स्थानीय बाजार से लेकर ऑनलाइन बाजार में बेचना शुरू किया है। इन उत्पादों की उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों में भी काफी अच्छी डिमांड रहती है। लॉकडाउन के दौरान व्यवसाय गतिविधियां ठप पड़ने पर उनके परिवार ने उत्पादों को ऑनलाइन बेचने की योजना बनाई। इसके लिए उन्होंने अलग-अलग राज्यों में से अपने पुराने खरीदारों से संपर्क किया और अगस्त से पार्सल के माध्यम से उत्पादों की बिक्री शुरू की। जगमोहन ने बताया कि इस समय वे स्थानीय महिलाओं के उत्पादों को मुंबई, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, हरियाणा, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक से हर्बल चाय लाल चावल सेब की चटनी राजमा और चुल्लू के तेल की खासी डिमांड आ रही है।