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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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उत्तरकाशी: राज्य में मॉनसून ने विदा ले ली है मगर बिना बरसात के भी उत्तराखंड में भूस्खलन का सिलसिला अब भी जारी है। हम बात कर रहे हैं यमुनोत्री धाम की। यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग भंगेलीगाड़ के पास में एक बार फिर भूस्खलन सक्रीय होता दिखाई दे रहा है जो कि चिंताजनक बात है। ऐसा इसलिए क्योंकि यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं और वहां श्रध्दालुओं एवं धाम पुरोहितों की आवाजाही भी हो रही है। ऐसे में भूस्खलन होना बेहद चिंताजनक और खतरनाक है। हाल ही में बीते शनिवार को भंगेलीगाड़ में हुए जबरदस्त भूस्खलन से यात्रा कर रहे कई श्रद्धालु बाल-बाल बचे और एक बड़ी अनहोनी टल गई। भूस्खलन इतना जबरदस्त था कि भंगेलीगाड़ का रास्ता पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है। भूस्खलन का कारण अभी तक पता नहीं लग पाया है। पहाड़ी से गिर रही पत्थरों के कारण आवजाही के लिए बनाए गए वैकल्पिक मार्ग पर भी खतरा बढ़ गया है। बीते शनिवार की शाम को भूस्खलन के दौरान गंगोत्री में कई यात्री बाल-बाल बचे।