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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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टिहरी गढ़वाल: कोरोना संक्रमण काल में जंगली जानवर पहाड़ के लोगों के लिए दहशत का सबब बने हुए हैं। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक ऐसा कोई जिला नहीं, जहां से इंसानों पर गुलदार के हमले की खबरें ना आ रही हों। बुजुर्ग और मासूम बच्चे गुलदार का निवाला बन रहे हैं। टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में भी यही हुआ। यहां 7 साल की मासूम को गुलदार ने अपना निवाला बना लिया। बच्ची की मौत के बाद गांव में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना नरेंद्रनगर ब्लॉक के दोगी ग्रामसभा के पीपलसारी गांव की है। जहां 7 साल की स्मृति गुलदार के हमले में मारी गई। पीपलसारी गांव में मुकेश रावत अपने परिवार के साथ रहते हैं। बीती रात करीब साढ़े नौ बजे उनकी 7 साल की बेटी स्मृति शौच करने के लिए घर के बाहर आंगन में गई थी, लेकिन किसे पता था कि आंगन में गुलदार की शक्ल में मौत उसका इंतजार कर रही है। बच्ची जैसे ही घर से बाहर निकली घात लगाए गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। बच्ची की चीख-पुकार सुन परिजन घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े, लेकिन तब तक सबकुछ खत्म हो चुका था।