विडियो: केदारघाटी पंहुचा चिनूक...पुनर्निर्माण और चीन - दोनों समस्याओं में काम आयेगा

पिछले काफी वक्त से केदारनाथ धाम में चिनूक के स्वागत की तैयारियां की जा रही थीं, ये इंतजार शनिवार को खत्म हुआ। सेना के मालवाहक हेलीकॉप्टर ने यहां सफल लैंडिंग की।
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Kedarnath Reconstruction: Chinook helicopter deployed in Kedarnath
Image: Chinook helicopter deployed in Kedarnath

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों में अब तेजी आएगी। डीडीएमए ने यहां भारतीय सेना के मालवाहक हेलीकॉप्टर चिनूक के स्वागत के लिए शानदार हेलीपैड तैयार किया है। शनिवार को सुबह नौ बजे यहां चिनूक की हुंकार सुनाई दी। भारतीय सेना के मालवाहक हेलीकॉप्टर चिनूक ने यहां सफल लैंडिंग की। इस दौरान प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। पहले चरण में चिनूक केदारनाथ में क्रैश हुए एमआई-17 के मलबे को लेने के लिए पहुंचा। क्रैश हेलीकॉप्टर का मलबा केदारनाथ से दिल्ली ले जाया जा रहा है। आपको बता दें कि एमआई-17 केदारनाथ में साल 2018 में क्रैश हुआ था। पिछले काफी वक्त से केदारनाथ धाम में चिनूक के स्वागत की तैयारियां की जा रही थीं। शनिवार को ये इंतजार खत्म हुआ। सेना के मालवाहक हेलीकॉप्टर ने यहां सफल लैंडिंग की।

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चिनूक के जरिए केदारनाथ धाम में भारी मशीनें पहुंचाई जानी हैं। जिनका इस्तेमाल धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यो में होगा। इससे वहां निर्माण कार्य में तेजी आएगी। केदारनाथ में चिनूक के लिए स्पेशल हेलीपैड बनाया गया है। केदारनाथ धाम में बना ये हेलीपैड सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। भारत-चीन के बीच सीमा पर गतिरोध जारी है। उत्तराखंड की सीमाएं भी चीन से सटी है। ऐसे में यहां पर चिनूक की आवाजाही के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। ताकि वक्त पड़ने पर भारी मशीनों को बॉर्डर तक पहुंचाया जा सके। केदारनाथ धाम के पास जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी डीडीएमए ने चिनूक के लिए जो स्पेशल हेलीपैड बनाया है, उसकी खासियत भी आपको बताते हैं। दरअसल धाम में साल 2015 में एमआई-26 हेलीकॉप्टर उतारने के लिए हेलीपैड बनाया गया था। इसी हेलीपैड का विस्तार कर इसे चिनूक के लिए तैयार किया गया है।

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यहां हेलीपैड के लिए 50 मीटर चौड़ा और 100 मीटर लंबा प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। हेलीपैड को इसी महीने फाइनल टच दिया गया। जिसके बाद शनिवार को यहां चिनूक हेलीकॉप्टर ने सफल लैंडिंग की। चिनूक हेलीकॉप्टर 11 टन तक भारी सामान ले जाने में सक्षम है। ये ऊंचे और दुर्गम इलाकों तक भारी सामान पहुंचा सकता है। साथ ही हर मौसम और दिन-रात उड़ान भरने में भी चिनूक सक्षम है। भारतीय सेना के चिनूक हेलीकॉप्टर से केदारनाथ पुनर्निर्माण के लिए भारी मशीनों को भी धाम में पहुंचाया जाना है। दूसरे चरण में चिनूक हेलीकॉप्टर से पोकलैंड, जेसीबी, डंपर और दूसरी भारी मशीनें केदारनाथ धाम पहुंचाई जाएंगी।

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