उत्तराखंड: मां के सामने से 13 साल की नेहा को उठा ले गया गुलदार, खेत में मिली लाश

गुलदार मासूमों के लिए काल बने हुए हैं। हो सकता है वन विभाग गुलदार को मार दे। पीड़ित परिवार को मुआवजा भी मिल जाएगा, लेकिन इससे मासूम नेहा वापस तो नहीं आ जाएगी।
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Nainital Guldar: Leopard attacked 13 year old girl in Nainital
Image: Leopard attacked 13 year old girl in Nainital

नैनीताल: उत्तराखंड में नरभक्षी गुलदार मासूमों के लिए काल बने हुए हैं। सरकार लोगों से कह रही है कि गांव में रहो, लेकिन जिन गांवों में मासूम ही सुरक्षित ना हों, वहां भला कोई क्यों रहना चाहेगा। गुलदार के हमले का हालिया मामला नैनीताल का है। जहां भीमताल के ओखलकांडा ब्लॉक में गुलदार 13 साल की बच्ची को उसकी मां के सामने ही दबोच कर ले गया। मां के शोर मचाने पर ग्रामीण तुरंत गुलदार के पीछे दौड़ पड़े, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। थोड़ी देर बाद मासूम का शव कुछ ही दूर दूसरे खेत में पड़ा मिला। घटना तुषराण गांव की है। जहां 13 साल की नेहा बुधवार शाम करीब चार बजे मां के साथ खेत में खड़ी थी। मां खेत में घास काट रही थी। तभी घात लगाए गुलदार ने नेहा पर हमला कर दिया। तेंदुआ नेहा को उठाकर ले गया। यह देख नेहा की मां ने शोर मचाया। इस पर आसपास के ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंच गए। वे आननफानन में तेंदुए के पीछे गए। तेंदुआ तो नहीं दिखा, लेकिन नेहा का शव कुछ ही दूर दूसरे खेत में पड़ा मिला। बच्ची की लाश देखते ही परिजन दर्द से तड़प उठे। मां वहीं पर बेहोश हो गई। आगे पढ़िए

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बाद में विधायक राम सिंह कैड़ा ने घटना की सूचना डीएफओ टीआर बीजूलाल को दी। जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटना के बारे में जानकारी जुटाई। बेटी की मौत के बाद पिता इंद्र लाल और मां रेखा का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम पसरा है। नेहा सातवीं कक्षा की छात्रा थी। उसके पिता खेतीबाड़ी कर परिवार चलाते हैं। परिवार में तीन बहनें और एक भाई है। तुषराण गांव में आदमखोर के हमले की घटना पहली बार हुई है। घटना के बाद वन विभाग ग्रामीणों की मांग पर क्षेत्र में पिंजरा लगाने की तैयारी कर रहा है। ताकि गुलदार को पकड़ा जा सके। वन विभाग की तरफ से परिजनों को तीन लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। पहाड़ में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हो सकता है वन विभाग गुलदार को मार भी दे। पीड़ित परिवार को मुआवजा भी मिल जाएगा, लेकिन इससे मासूम नेहा वापस तो नहीं आ जाएगी। गुलदार के हमले में मासूम की मौत के बाद गांव के लोग सहमे हुए हैं। उन्होंने वन विभाग से गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसे मारने की मांग की।