कोरोनावायरस: रुद्रप्रयाग जिले का ऊखीमठ बाजार कंटेनमेंट जोन घोषित..1 महिला की मौत

व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासन ने बाजार को सील करने से पहले उन्हें विश्वास में नहीं लिया। कोरोना संकट और व्यावसायिक गतिविधियां बंद होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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Coronavirus in uttarakhand: Ukhimath Bazar Containment Zone
Image: Ukhimath Bazar Containment Zone

रुद्रप्रयाग: इस बार हर त्योहार को कोरोना की काली नजर लग गई। अनलॉक के तहत पाबंदियों में ढील दी जा रही है, लेकिन जो इलाके कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं, वहां फिलहाल किसी तरह की राहत नहीं मिल रही। रुद्रप्रयाग में भी ऊखीमठ बाजार को कंटेनमेंट जोन बनाकर सील कर दिया गया। हालांकि व्यापारी प्रशासन के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि बाजार सील करने से पहले प्रशासन ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी। बिना किसी पूर्व सूचना के बाजार को बंद करा दिया गया। दूसरे जिलों की तरह रुद्रप्रयाग में भी कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। ऊखीमठ तहसील में भी लगातार कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच यहां एक कोरोना संक्रमित महिला की मौत हो गई। जिसके बाद प्रशासन और पुलिस ने नगर पंचायत के गांधीनगर और उदयपुर वार्ड से लगे बाजार क्षेत्र को मिनी कंटेनमेंट जोन बना दिया। बाजार क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाने के बाद सभी प्रतिष्ठान बंद करा दिए गए। यहां हर तरह की व्यापारिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। आगे पढ़िए

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प्रशासन का कहना है कि एहतियात के चलते क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है, वहीं प्रशासन के इस फैसले से व्यापारी नाराज हैं। व्यापार संघ ने बिना पूर्व सूचना के बाजार बंद करने के फैसले पर नाराजगी जताई। व्यापार संघ के अध्यक्ष आनंद सिंह रावत ने कहा कि पुलिस और प्रशासन ने बाजार बंद करने से पहले व्यापारियों से कोई बातचीत नहीं की। कोरोना संक्रमण के चलते हुए लॉकडाउन से व्यापार कई महीने चौपट रहा। इन दिनों नवरात्र और विवाह सीजन के चलते लोग बाजारों में पहुंच रहे थे, लेकिन अब प्रशासन ने बाजार भी बंद करा दिया। जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल बाजार में हर तरह की व्यावसायिक गतिविधि पर रोक लगाई गई है। क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। अब संबंधित क्षेत्र में व्यापारियों और अन्य लोगों के सैंपल लिए जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद ही बाजार खोला जाएगा।