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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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नैनीताल: उत्तराखंड में मानव-गुलदार संघर्ष लगातार बढ़ रहा है, लेकिन वन विभाग इसे रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना नहीं बना पा रहा। नैनीताल जिले में गुलदार के आतंक से लोग दहशत में हैं। यहां 24 घंटे के भीतर गुलदार ने दो लोगों को अपना निवाला बना लिया। पहले तुषराण गांव में गुलदार ने एक बच्ची को मार डाला। गांव के लोग अब तक इस सदमे से उबर भी नहीं पाये थे कि कूकना गांव के बजवाल तोक से भी एक बुरी खबर आ गई। यहां गुलदार ने 18 साल की युवती को मार डाला। युवती की मौत के बाद गांव में मातम पसरा है।ओखलकांडा ब्लॉक में नरभक्षी का आतंक बरकरार है। यहां 24 घंटे के भीतर गुलदार ने दो घरों की खुशियां छीन लीं। बच्चों की मौत के बाद लोग दहशत में हैं। लोगों में वन विभाग को लेकर गुस्सा भी बढ़ता जा रहा है। गुलदार के हमले की ताजा घटना कूकना गांव में हुई। यहां गुरुवार शाम 6 बजे 18 वर्षीय चंपा अपने घर से कुछ दूरी पर घास काट रही थी। इसी दौरान गुलदार ने चंपा पर हमला कर दिया, और उसे घसीट कर ले गया।