अब लोगों को अपने बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए घर-गांव नहीं छोड़ना पड़ेगा। गांवों में ही इंग्लिश मीडियम स्कूलों को टक्कर देने वाले विद्यालय बनेंगे। जिनमें बच्चे हिंदी के साथ-साथ इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई कर सकेंगे।
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Komal Negi
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Image: Two schools will be opened in every block of Uttarakhand
देहरादून: पहाड़ी क्षेत्रों में क्वालिटी एजुकेशन का सपना साकार होने वाला है। प्रदेश में 190 अटल उत्कृष्ट विद्यालय खोले जाएंगे। जिनमें बच्चे हिंदी के साथ-साथ इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई कर सकेंगे। अब लोगों को अपने बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए घर-गांव नहीं छोड़ना पड़ेगा। गांवों में ही इंग्लिश मीडियम स्कूलों को टक्कर देने वाले विद्यालय बनेंगे। राज्य सरकार शिक्षा के स्तर में सुधार की दिशा में कार्य कर रही है। इसी कड़ी में अब उत्तराखंड के हर ब्लॉक में दो अटल आदर्श विद्यालय की स्थापना की जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा मिल सके। जो ग्रामीण अपने बच्चों को इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं, अटल आदर्श विद्यालय बनने के बाद वो भी अपने इस सपने को साकार कर सकेंगे। क्योंकि इन विद्यालयों में हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों का विकल्प होगा।
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों का हाल किसी से छिपा नहीं है। सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या घट रही है। अभिभावक अपने बच्चों को इंग्लिश मीडियम वाले निजी स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं। पैरेंट्स के इस रुझान ने सरकार को भी शिक्षा नीति में बदलाव करने के लिए मजबूर कर दिया है। अब निजी स्कूलों को टक्कर देने के लिए सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी। उत्तराखंड कैबिनेट ने राज्य में अटल उत्कृष्ट विद्यालय योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत राज्यभर में 190 अटल उत्कृष्ट विद्यालय खोले जाएंगे। हर ब्लॉक में ऐसे दो स्कूल बनेंगे, जहां केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों की तरह अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा दी जाएगी।
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इस योजना का फायदा उन परिवारों को मिलेगा जो आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर हैं। योजना में कक्षा छह से 12वीं तक के स्कूलों को शामिल किया जाएगा। जहां हिंदी और अंग्रेजी में पढ़ने का विकल्प होगा। स्कूल में सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा दी जाएगी। तय क्षमता से ज्यादा छात्र संख्या होने पर छात्रों का चयन प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से होगा। इन स्कूलों में प्रिंसिपल और शिक्षकों की तैनाती पांच साल के लिए होगी। विद्यालयों के चुनाव के लिए राज्य और जिला स्तर पर समितियां गठित की जाएंगी। उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों को इस योजना से काफी फायदा होगा। गांव में अटल आदर्श विद्यालय बनेंगे तो ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी गुणवत्तापरक शिक्षा के समान अवसर मिल सकेंगे।