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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: श्रम मंत्री हरक सिंह रावत उत्तराखंड कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाए जाने से नाराज हैं। पहले तो बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिशें की। कई दिन तक डैमेज कंट्रोल की कवायद चलती रही, लेकिन बिफरे हरक सिंह रावत नहीं माने। अब राज्य की बीजेपी नेतृत्व वाली सरकार साम, दाम, दंड-भेद की नीति पर चल चुकी है। श्रम मंत्री हरक सिंह रावत की अध्यक्षता वाले पुराने बोर्ड के सारे फैसले पलट दिए गए। इसके अलावा हरक सिंह के लिए एक और चिंता बढ़ाने वाली खबर है। बोर्ड में 45 करोड़ रुपयों का हिसाब नहीं मिल रहा। ऐसे में स्पेशल ऑडिट कराए जाने की संस्तुति की गई है। डॉ. हरक सिंह को अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद उनके चहेतों को भी विदाई दी जा रही है। उत्तराखंड कर्मकार कल्याण बोर्ड से शनिवार को पूर्व अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत के कार्यकाल में नियुक्त 40 कर्मचारियों की सेवा खत्म कर दी गई। कर्मकार बोर्ड में पिछले दो सालों में उपनल और पीआरडी के जरिए 40 से अधिक कर्मचारी नियुक्त किए गए थे। इन पदों को भरने के लिए वित्तीय विभाग की सहमति नहीं ली गई थी। इसके अलावा बोर्ड में समन्वयक के तौर पर सेवाएं दे रहे विजय सिंह चौहान भी कार्यमुक्त कर दिए गए। आगे भी पढ़िए