मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अगले 10 साल में गैरसैंण में विकास की वो सारी जरूरतें पूरी करने का इरादा जताया, जो एक आदर्श राजधानी के लिए जरूरी हैं।
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Komal Negi
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Image: Trivendra Singh Rawat big announcement for Garsain
चमोली: ‘पहाड़ की राजधानी पहाड़ में हो’ ये वो सपना है, जो आज भी हर पहाड़वासी के मन में बसा है। उत्तराखंड के लोग हमेशा से पहाड़ की राजधानी पहाड़ में बनाए जाने की मांग करते रहे हैं। इस दिशा में पहला कदम तब उठाया गया, जब सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का ऐलान किया। तब से हर बड़े मौके पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देहरादून के साथ-साथ गैरसैंण में भी मौजूदगी दर्ज कराई। राज्य स्थापना दिवस के मौके पर सीएम ने ग्रीष्मकालीन राजधानी में 25 हजार करोड़ के निवेश का ऐलान किया। जिसे गैरसैंण को भविष्य की राजधानी के तौर पर तैयार करने के रूप में देखा जा रहा है। इस बजट से गैरसैंण जाने वाली सभी सड़कों को फोर लेन किया जाएगा। सीवर, पुल, हेलीपैड जैसी परियोजनाओं पर भी काम होगा।
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सड़कों की स्थिति में सुधार के साथ ही पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी जरूरतों के विकास पर फोकस किया जाएगा। यहां मिनी सचिवालय से लेकर नए अस्पताल और आवासीय स्कूल बनेंगे। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अगले 10 साल में गैरसैंण में विकास की वो सारी जरूरतें पूरी करने का इरादा जताया, जो एक आदर्श राजधानी के लिए जरूरी हैं। उनकी इस घोषणा के सियासी मायने टटोले जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो गैरसैंण में निवेश का ऐलान स्थायी राजधानी की ओर उठाया गया दूसरा अहम कदम है। माना जा रहा है कि स्थायी राजधानी की दिशा में तीसरा और अंतिम कदम चुनाव से ठीक पहले उठेगा। 25 हजार करोड़ की योजनाएं अगर धरातल पर उतरती हैं तो गैरसैंण भविष्य की राजधानी के तौर पर उभर सकता है।
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी कह चुके हैं कि हम गैरसैंण में बहुत कुछ करना चाहते थे, लेकिन कोविड-19 महामारी की वजह से हमारा काफी समय निकल गया। इस तरह गैरसैंण के विकास को लेकर सरकार चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है। पहले गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया। अब इस समूचे क्षेत्र को विकसित करने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। गैरसैंण में अवस्थापना विकास संबंधी कार्य किए जाएंगे। जिसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी। इस तरह गैरसैंण में दीर्घकालिक योजना पर काम किया जा रहा है। गैरसैंण में 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश को स्थायी राजधानी की दिशा में उठाए गए बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है।