ऑल वेदर रोड पर उत्तराखंड की पहली ओपन टनल, जल्द शुरू होगा सफर..जानिए हाईटेक खूबियां

चलिए आज आपको उत्तराखंड की पहली ओपन टनल के बारे बताते हैं। साथ ही इसकी खूबियां भी जान लीजिए
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Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

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All Weather Road Uttarakhand: Open tunnel on All Weather Road Badrinath Highway
Image: Open tunnel on All Weather Road Badrinath Highway

ऋषिकेश: उत्तराखंड में ऑल वेदर रोड का काम जोरों पर चल रहा है। ऑल वेदर रोड पर कुछ खास चीजें हैं, जो इस सफर को और भी ज्यादा सुगम बनाती हैं। माना जा रहा है कि 2022 तक ऑल वेदर रोड का काम पूरा हो जाएगा, जिससे उत्तराखंड में आने वाले लोगों को किसी दिक्कत का सामना न करना पड़े। इस बीच ऑल वेदर रोड पर ही उत्तराखंड की पहली ओपन टनल भी बन रही है। जी हां चमोली में ऑलवैदर परियोजना के तहत बन रहे ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय हाईवे पर पाताल गंगा में उत्तराखंड की पहली ओपन टनल बनाई जा रही है। इस टनल की लंबाई करीब 150 मीटर है। टनल का काम तकरीबन 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। दरअसल इस जगह पर अक्सर भूस्खलन हो जाता था। ऐसे में करीब 38 करोड़ की लागत वाली इस टनल का कार्य पूरा होने पर यहां भूस्खलन के चलते आवाजाही बाधित नहीं होगी। माना जा रहा है कि एक दो महीने में ये टनल आम लोगों की आवाजाही के लिए खोल दी जाएगी। आगे जानिए इस टनल की खूबियां

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पहाड़ में बारिश के समय भूस्खलन जोन सक्रिय हो जाते हैं, ये इलाका भी भूस्खलन जोन है। इस टनल के बनने से इस क्षेत्र में सालभर आवाजाही संभव हो सकेगी। टनल से आवाजाही शुरू होने पर चारधाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही सीमा क्षेत्र में सेना की राह भी आसान हो जाएगी। बता दें कि ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत पीपलकोटी से लगभग आठ किमी दूर पाताल गंगा में टनल का निर्माण किया गया है। यहां करीब सौ मीटर हिस्से में वर्ष 2013 से लगातार भूस्खलन हो रहा है, जिससे यात्राकाल में तीर्थयात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बरसात में यहां सफर जोखिमभरा हो जाता है। बदरीनाथ हाईवे चीन सीमा क्षेत्र को भी जोड़ता है। अब यहां 85 मीटर लंबी टनल बनने से तीर्थयात्रियों के साथ ही सेना के जवानों की राह भी आसान हो जाएगी।