देहरादून से दिल्ली की दूरी होगी सिर्फ ढाई घंटे, बन रहा है ग्रीन एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर..जानिए खूबियां

दिल्ली-देहरादून तक की दूरी तय होगी महज ढाई घंटे में। अगले साल मार्च से शुरू होगा दिल्ली-देहरादून इकनोमिक कॉरिडोर ग्रीन एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य।
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Dehradun Delhi Green Expressway: Dehradun Delhi Green Expressway Corridor
Image: Dehradun Delhi Green Expressway Corridor

देहरादून: दिल्ली से उत्तराखंड का सफर अब और आसान एवं कम समय में तय होगा। देश की राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तराखंड की राजधानी दून तक दिल्ली-देहरादून इकनोमिक कॉरिडोर ग्रीन एक्सप्रेस-वे का निर्माण अगले साल मार्च से शुरू होने वाला है। जी हां, इस निर्माण के बाद अब दिल्ली से देहरादून की दूरी बेहद कम हो जाएगी और ढाई घंटे में दिल्ली से दून पहुंच सकेंगे। इस इकोनामिक कॉरिडोर ग्रीन एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर तकरीबन 15 हजार करोड रुपए की लागत आने का अनुमान लगाया गया है। खास बात यह है इकोनामिक कॉरिडोर के निर्माण हो जाने के बाद महज ढाई घंटे के अंदर हम दिल्ली से देहरादून के बीच का सफर तय कर सकते हैं। वर्तमान में देहरादून से दिल्ली आने-जाने में कई घंटे लग जाते हैं। मगर आने वाले समय में यह यात्रा और अधिक सुखद हो जाएगी। मार्च 2021 में 6 लाइन ग्रीन एक्सप्रेस-वे के लिए काम शुरू हो जाएगा और यह दावा किया जा रहा है कि 2023 तक दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर का काम पूरा हो जाएगा और दिल्ली एवं देहरादून के लोगों को एक अनोखी सौगात मिलेगी।

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बागपत संसदीय क्षेत्र के भाजपा सांसद डॉ सत्यपाल सिंह ने बीते बुधवार को पत्रकार वार्ता में इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर ग्रीन एक्सप्रेस-वे के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। इस पर तकरीबन 15 हजार करोड रुपए की लागत आएगी और मार्च तक सभी तरीके की फॉर्मेलिटीज को पूरी करके निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा जो कि वर्ष 2023 तक खत्म होगा। आने वाले कुछ सालों में दिल्ली और देहरादून के निवासियों को एक अनोखा तोहफा मिलेगा। यह 6 लाइन का इकोनामिक कॉरिडोर ग्रीन एक्सप्रेस-वे 210 किलोमीटर लंबा होगा और महज ढाई घंटे में इसके जरिए दून से दिल्ली तक का सफर तय हो जाएगा। इससे न केवल दूरी घटेगी बल्कि जाम से भी निजात मिलेगी।

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यह एक्सप्रेस वे बागपत-शामली, मुजफ्फरनगर-सहारनपुर होते हुए देहरादून तक जुड़ेगा। इस इकोनामिक कॉरिडोर ग्रीन एक्सप्रेस वे का निर्माण 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक संजय कुमार मिश्रा के अनुसार एक्सप्रेस-वे का निर्माण अगले साल मार्च से शुरू होगा और 2 वर्ष के भीतर इसको खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। चलिए आपको हाईवे से जुड़ी अन्य जानकारियां देते हैं। यह हाईवे तीन सेक्शन में बटा हुआ है। पहला सेक्शन अक्षरधाम से ईपीई जंक्शन तक का है। 18 किलोमीटर एलिवेटेड और 13 किलोमीटर चौड़ीकरण के साथ इसकी लागत 3300 करोड रुपए बताई जा रही है। दूसरा सेक्शन ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे बागपत जंक्शन से शामली मुजफ्फरपुर के बीच होते हुए सहारनपुर बाईपास पर निर्मित होगा और यह है 119 किलोमीटर लंबा होगा। जिसकी लागत 5000 करोड़ बताई जा रही है। आखिरी सेक्शन सहारनपुर से गणेशपुर देहरादून तक का होगा जिसमें 21 किलोमीटर की एलिवेटेड सड़क एवं सुरंग का निर्माण होगा। इसकी लागत 1600 करोड़ रुपए बताई जा रही है।