उत्तराखंड: खेत में काम कर रही महिला पर झपटा गुलदार..4 दिन पहले गांव की 10 बकरियां मारी थी

गुलदार ने दिनदहाड़े खेतों में गुड़ाई करने गई महिला के ऊपर जानलेवा हमला कर दिया। 4 दिन पहले भी गुलदार ने गांव की 10 बकरियों को अपना निवाला बनाया था।
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Almora Leopard: Leopard attack in Bakhal village of Almora
Image: Leopard attack in Bakhal village of Almora

अल्मोड़ा: उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार का दबदबा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। उत्तराखंड में आए दिन मानव एवं वन्यजीव के संघर्षों की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है जो कि बेहद चिंताजनक बात है। गुलदार के हमले की ताजी घटना अल्मोड़ा से सामने आई है। अल्मोड़ा के डोटियाल बाखल गांव में एक गुलदार ने दिनदहाड़े खेतों में गुड़ाई करने गई महिला के ऊपर जानलेवा हमला कर दिया। गुलदार ने महिला के ऊपर झपट्टा मारा और उसको अपने पंजों से लहूलुहान कर दिया। महिला के सिर पर गहरी चोट आई है और गहरे घाव होने से चिकित्सकों ने उसको उपचार के लिए काशीपुर रेफर कर दिया है। घटना के बाद से गांव में हड़कंप मचा हुआ है। पहले केवल रात के अंधेरे में बाहर निकलने वाले गुलदार अब दिनदहाड़े लोगों के ऊपर हमला कर रहे हैं। हिंसात्मक हो चुके गुलदार इंसानों के साथ साथी मवेशियों को भी अपना निवाला बना रहे हैं। इसी गांव में 4 दिन पहले भी गुलदार ने 10 बकरियों को अपना वाला बनाया था और अब उसने ग्रामीण महिला के ऊपर हमला करके ग्रामीणों के बीच में हड़कंप मचा दिया है।

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चलिए अब आपको पूरी घटना से अवगत कराते हैं। घटना बीते रविवार की बताई जा रही है। बीते रविवार को तहसील मुख्यालय से तकरीबन 25 मीटर दूर ग्राम पंचायत बरंगल के डोटियाल बाखल गांव की एक निवासी अंजू देवी सुबह खेत में गुड़ाई के लिए गई थीं और उन्हीं के साथ में गांव की अन्य महिलाएं भी थीं। वहां खेतों की तरफ झाड़ियों में पहले से ही गुलदार घाट लगाए बैठा हुआ था और मौका देखते ही उसने अंजू देवी के ऊपर हमला कर दिया। अचानक ही खूंखार गुलदार को देखकर उनके साथ आईं महिलाएं भी बेहद डर गईं। गुलदार के हमले के बावजूद भी अंजू देवी ने हिम्मत नहीं हारी और उन्होंने खेत में गिरने के बावजूद भी कृषि के उपकरणों से खुद का बचाव किया। मगर हिंसात्मक गुलदार के पंजों के तीखे वार के सामने उनके कृषि उपकरणों के वार काम नहीं किए और वे गुलदार के जानलेवा हमले से घायल हो गईं।

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वहीं गुलदार के हमले से जूझ रहीं अंजू देवी के साथ आई महिलाओं ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू किया और गुलदार पर पत्थर बरसाए तब जाकर कहीं गुलदार ने अंजू देवी को छोड़ा और जंगल की तरफ भाग गया। गुलदार के हमले से उनके कान, गले एवं हाथ बेहद बुरी तरीके से लहूलुहान हो गए और वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहीं शोरगुल मचाने के बाद गांव के लोग भी वहां पर पहुंचे और उन्होंने अंजू देवी को 108 सेवा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया जहां पर उनका प्राथमिक उपचार किया गया। मगर उनके घाव गहरे होने के कारण डॉक्टरों ने उनको काशीपुर रेफर कर दिया है। आपको बता दें कि 4 दिन पहले भी इसी गांव में गुलदार ने बकरियों को अपना निवाला बनाया था। गुलदार ने गांव की 10 बकरियां मार डाली थीं। घटना के बाद से ही ग्रामीणों के बीच में कोहराम मचा हुआ है।