उत्तराखंड: हरदा का नया अंदाज देखिए, बाज़ार में जाकर खुद बनाई चाय..सभी को पिलाई

मुख्यमंत्री रह चुके हरीश रावत के नायाब पैंतरे उन्हें हमेशा चर्चा में बनाए रखते हैं। कुछ दिन पहले रुद्रपुर में समोसे तलने वाले हरदा इस बार चंपावत में कार्यकर्ताओं को चाय पिलाते नजर आए।
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Champawat news: Harish rawat made tea at champawat
Image: Harish rawat made tea at champawat

चम्पावत: सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत अपने अलग अंदाज के लिए जाने जाते हैं। जनता से संवाद करना हो या फिर उनके बीच अपनी पैठ बनानी हो, हरदा लोगों का दिल जीतने का हुनर खूब जानते हैं। क्षेत्र भ्रमण पर निकले हरीश रावत कभी जलेबियां तलते मिलते हैं तो कभी समोसे। सोशल मीडिया पर हरीश रावत की ऐसी तस्वीरें खूब देखने को मिलती हैं। इस बार मामला चंपावत का है। उन्होंने यहां जिला मुख्यालय में चाय पर चौपाल कार्यक्रम का आयोजन कर जनता से संवाद किया। इस दौरान हरीश रावत ने खुद चाय बनाई और कार्यकर्ताओं को परोसी भी। हरीश रावत के इस सरल स्वभाव ने कार्यकर्ताओं का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए चंपावत आए हरीश रावत ने मोटर स्टेशन पर स्वयं चाय तैयार कर कार्यकर्ताओं को पिलाई। चाय की चुस्कियां लेते हुए उन्होंने चुनाव की तैयारियों पर भी चर्चा की।

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हरीश रावत ने कहा कि बीजेपी सरकार की काहिली के कारण लोगों का पूरी तरह से मोहभंग हो गया है। जनता इस बार बीजेपी को तगड़ा सबक सिखाएगी। इसलिए कार्यकर्ता अभी से काम में जुट जाएं। हरीश रावत ने कहा कि अगर कार्यकर्ताओं ने ठान लिया तो 2022 में कांग्रेस को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता। इससे पहले हरीश रावत के मोटर स्टेशन पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। चंपावत आने पर उन्होंने सबसे पहले गोलज्यू मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद वो नगर पालिका सभागार पहुंचे और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की। कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद हरदा ने एक होटल मे पल्यो-भात और काले भट्ट की चुड़कानी खाई। जो कि उत्तराखंड का पारंपरिक खान-पान है। इस मौके पर हरदा ने कहा कि परंपरागत खाद्यान्न, फलों, दालों और दूसरे खाद्य उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि काश्तकारों की आर्थिकी को मजबूती मिल सके।