जानिए क्या है ऋषिगंगा प्रोजक्ट, जिसे चमोली में आई आपदा ने किया तबाह

ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट बिजली उत्पादन के लिए चलाया जा रहा एक प्राइवेट प्रोजेक्ट है। तमाम विवादों के बावजूद प्रोजेक्ट के तहत बिजली का उत्पादन शुरू हो गया था। आगे पढ़िए पूरी रिपोर्ट Chamoli Disaster: Know about the Rishiganga project of Chamoli
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Chamoli Disaster: Know about the Rishiganga project of Chamoli
Image: Know about the Rishiganga project of Chamoli

चमोली: चमोली में रविवार को आई जल प्रलय ने सब कुछ तबाह कर दिया। अब तक के राहत और बचाव कार्य के दौरान चमोली जिला पुलिस ने 19 शव मिलने की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि अभी भी 202 से अधिक लोग लापता हैं। रात में भी बचाव कार्य जारी रहा। यहां आपको उस पावर प्रोजेक्ट के बारे में भी जानना चाहिए, जिसे सैलाब ने पूरी तरह तबाह कर दिया। इस प्रोजेक्ट का नाम ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट है। रविवार को ग्लेशियर के टूटने से अलकनंदा और सहायक नदियों में बाढ़ आ गई थी। ये घटना ऋषिगंगा घाटी में हुई। इससे ऋषिगंगा और धौली गंगा के संगम पर स्थित ऋषिगंगा बिजली परियोजना को भारी नुकसान पहुंचा है। इस प्रोजेक्ट का काम रैणी गांव के पास हो रहा था। ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट बिजली उत्पादन के लिए चलाया जा रहा एक प्राइवेट प्रोजेक्ट है।

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प्रोजेक्ट के तहत पानी से बिजली पैदा करने का काम चल रहा था। इस प्रोजेक्ट को ऋषि गंगा नदी पर बनाया गया है, ये नदी धौली गंगा में मिलती है। ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट को लेकर लंबे वक्त से विवाद चल रहा था। हालांकि यहां पर बिजली उत्पादन का काम शुरू हो गया था। ऋषिगंगा हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट मुख्य रूप से रैणी गांव में चलाया जा रहा है। इसके जरिए बड़े स्तर पर बिजली बनाने का लक्ष्य है, जिससे उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों को बिजली दी जा सके। फिलहाल प्रोजेक्ट को कितना नुकसान हुआ है इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। रैणी में रविवार को ग्लेशियर टूटने से धौलीगंगा नदी में बाढ़ आ गई थी। जिससे ऋषिगंगा प्रोजेक्ट को काफी नुकसान पहुंचा है। सूचना के मुताबिक हादसे के वक्त प्रोजेक्ट में 150 मजदूर काम कर रहे थे, जो कि गायब हैं।