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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चमोली: चमोली में आई आपदा का सैलाब अपने पीछे कई डरावनी कहानियां छोड़ गया है। हमेशा शांत होकर बहने वाली ऋषिगंगा ने रविवार को यहां ऐसा रौद्ररूप दिखाया, कि लोग सिहर गए। कई जिंदगियों को लील लेने के बाद सैलाब तो गुजर गया, लेकिन रैणी के लोग अब तक सदमे में हैं। गांव के लोग जलप्रलय का खौफनाक मंजर बयां कर रहे हैं। आपदा के दौरान जो लोग बचने में कामयाब रहे, उनमें रैणी गांव की मंजू रावत भी शामिल हैं। मंजू दो घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच झूलती रही। उस दौरान वह अपने घर के अंदर थी। इस जलजले में मंजू का घर तबाह हो गया। 29 साल की मंजू ने बताया कि आपदा के वक्त उसकी मां गांव के पास स्थित जल स्त्रोत में पानी भरने गई थी। घर पर मंजू के साथ उसकी सहेली रजनी राणा और उसकी छह साल की बेटी प्रियंका थी। सुबह करीब साढ़े नौ बजे जब सैलाब आया तो मंजू घर में फंसकर रह गई। इस बीच रजनी और प्रियंका किसी तरह घर से निकलने में कामयाब रहीं।