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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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चमोली: उत्तराखंड के चमोली में बीती 7 फरवरी को आई आपदा ने उत्तराखंड को हिला के रख दिया है। आपदा के बाद आखिरकार प्रशासन की नींद टूट ही गई है। हजारों निर्दोषों की मौत और उनके लापता होने के बाद आखिरकार प्रशासन हरकत में आया है और एसडीआरएफ ने ऋषि गंगा में अलार्म सिस्टम लगा दिया है। यह अलार्म पानी का स्तर बढ़ने के बाद तुरंत ही बज जाएगा और इस अलार्म की आवाज 1 किलोमीटर तक सुनाई देगी। मगर सवाल यह है कि यह अलार्म सिस्टम पहले क्यों नहीं लगाया गया। अगर यह अलार्म सिस्टम पहले ही लगा दिया होता तो चमोली में आपदा इतनी तबाही नहीं मचाती और कई लोगों की जान बच जाती। प्रशासन की नींद तो तभी टूटी जब चमोली में सब कुछ तबाह हो चुका है और कई परिवारों के चिराग बुझ चुके हैं। गौर करने वाली बात यह है ऋषि गंगा में चल रहे जल विद्युत प्रोजेक्ट में सैकड़ों रुपए