उत्तराखंड में आम लोगों को बड़ी राहत, महिलाओं के हित में भी बड़ा ऐलान..पढ़िए कैबिनेट के फैसले

कैबिनेट मीटिंग में कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। जिन भवनों का नक्शे नहीं हैं, उन्हें वैध बनाने के लिए एकमुश्त समाधान योजना को हरी झंडी दी गई। महिलाओं के हित में भी बड़ा फैसला हुआ है।
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Uttarakhand cabinet: Uttarakhand cabinet decision today
Image: Uttarakhand cabinet decision today

देहरादून:

त्रिवेंद्र सरकार की ओर से आम आदमी को बड़ी राहत मिली है। प्रदेश में जिन आवासीय और गैर आवासीय भवनों के नक्शे नहीं हैं, अब उन्हें भी वैध माना जाएगा। इसके लिए भवन मालिक एकमुश्त समाधान योजना का इस्तेमाल कर सकेंगे। इस योजना के तहत वन टाइम सैटलमेंट के माध्यम से बगैर नक्शे के भवन वैध कराए जा सकेंगे। बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में आवास विकास विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अलावा सरकार ने जनता को और भी कई राहतें देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। प्रदेश सरकार ने बगैर नक्शे के बने भवनों को वैध बनाने के लिए एकमुश्त समाधान योजना को मंजूरी दे दी। इसके तहत बिना नक्शे के बने भवन, दुकानें, दफ्तर, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी, नर्सिंग स्कूल आदि को एकमुश्त योजना के तहत निर्धारित शुल्क देकर वैध कराया जा सकेगा। पर्वतीय क्षेत्र में आवास के लिए 2500 रुपये और मैदानी क्षेत्रों में पांच हजार रुपये आवेदन शुल्क तय किया गया है। आगे पढ़िए

इसके अलावा गैर आवासीय भवनों के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में 5 हजार और मैदानी क्षेत्रों के लिए 10 हजार रुपये शुल्क रखा गया है। महिलाओं को पैतृक संपत्ति में हक दिलाने के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया। राजस्व विभाग के प्रस्ताव को प्रदेश मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। इसके तहत प्रदेश में महिलाएं पति की पैतृक संपत्ति में सहखातेदार होंगी। परित्यक्त और संतानहीन बेटियों को भी पैतृक संपत्ति में अधिकार मिलेगा। इस तरह राज्य सरकार ने महिलाओं के हित में बड़ा कदम उठाया है। भूमि और संपत्ति पर पुरुषों का ही अधिकार रहने से महिलाएं आर्थिक विकास संबंधी गतिविधियों में भागीदारी नहीं कर पातीं। जमीन-संपत्ति पर हक मिलने के बाद वो स्वरोजगार के लिए लोन भी ले सकेंगी। राज्य सरकार ने 6 लाख बिजली उपभोक्ताओं को विलंब शुल्क में तीन महीने की छूट देने का भी निर्णय लिया। सरकार के इस फैसले से घरेलू, वाणिज्य, छोटे उद्योग और निजी नलकूप के बिजली उपभोक्ताओं को फायदा होगा। कैबिनेट ने होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों की तरह धर्मशालाओं और सिनेमा हॉल को भी तीन माह के फिक्स्ड चार्ज से छूट प्रदान की है। कैबिनेट मीटिंग में पांच नई नगर पंचायतों और एक नगर पालिका परिषद के गठन को भी हरी झंडी दी गई।