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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चमोली: चमोली में आपदा के दौरान ऐसी कई कहानियां सुनने को मिलीं, जिन्होंने इंसानियत पर हमारा भरोसा और मजबूत कर दिया। आपदा के दौरान सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन के अफसर अपना घर-परिवार, भूख-प्यास सब भूलकर लोगों को बचाने में जुटे रहे। पहाड़ से आए सैलाब को देख जब लोग सिर्फ अपनी जान बचाने के बारे में सोच रहे थे, उस वक्त पहाड़ के दो भाई ऐसे भी थे, जिन्होंने शोर मचाकर दूसरे लोगों की जान तो बचा ली, लेकिन खुद को नहीं बचा सके। इन चचेरे भाइयों का नाम अनूप और राजेश है। दोनों तपोवन विष्णुगाड़ परियोजना के बैराज पर काम करते थे। ऋषिगंगा की आपदा के दौरान ये दोनों भाई दूसरे लोगों की जान बचाने में जुटे रहे। बैराज में काम करते वक्त अनूप और राजेश ने जब सैलाब आते देखा तो शोर मचाने लगे। जिसके चलते कई श्रमिकों ने भागकर जान बचा ली। यही नहीं बैराज के ठीक सामने स्थित उनके घर से स्वजन भी शोर मचाकर दोनों भाईयों को भागने को कहते रहे, लेकिन जब तक ये दोनों भाई भाग पाते, सैलाब उन्हें अपने आगोश में ले चुका था। आगे पढ़िए