पौड़ी गढ़वाल के 12 से ज्यादा गांवों में गुलदार की दहशत, घरों में दुबकने को मजबूर लोग

पौड़ी के 12 से ज्यादा गांवों में गुलदार की सक्रियता बनी हुई है। गुलदार के डर से लोग खेतों में नहीं जा पा रहे, बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ दिया है। पढ़िए पूरी खबर
Advertisement Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination

Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.

Example Ads Media
Pauri Garhwal Leopard: Leopard fear in Pauri Garhwal
Image: Leopard fear in Pauri Garhwal

पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में जंगली जानवर दहशत का सबब बने हुए हैं। कहीं गुलदार लोगों की जान ले रहे हैं, तो कहीं भालू और जंगली सूअर का आतंक है। पौड़ी के दो दर्जन से ज्यादा गांवों पर भी पिछले दो महीने से बड़ी बुरी बीत रही है। यहां गुलदार के डर से लोग खेतों पर नहीं जा पा रहे। शाम होने से पहले ही लोग घरों में कैद हो जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक गुलदार के हमले में अब तक दो लोग घायल हो चुके हैं, लेकिन वन विभाग इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा। पौड़ी जिले में दो दर्जन से ज्यादा गांव पिछले दो महीने से गुलदार की दहशत के साये में जी रहे हैं। यहां चंदोला राई, मल्ली राई, कोलाकंडी, गोदी, बयाल गांव, रावत गांव, उनियाल गांव, ढांढरी समेत दर्जनों गांवों के लिए गुलदार बड़ा खतरा बना हुआ है। दहशत का आलम ये है कि लोग अंधेरा होने से पहले ही घरों में दुबक जाते हैं।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: 1995 में हुआ था पहला गढ़वाली चक्रव्यूह, अब सम्मानित हुए कलाकार..भावुक हुए लोग
ग्रामीणों की पूरी रात दहशत में गुजर रही है। आस-पास के गांवों के बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे। महिलाएं घास लेने के लिए नहीं जा रहीं। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार सक्रिय है। गुलदार अब तक दो लोगों पर हमला भी कर चुका है। जिन इलाकों में गुलदार के हमले हुए, वहां आसपास करीब 500 परिवार रहते हैं। ये परिवार गुलदार की दहशत से परेशान हैं, हर वक्त हमले का डर लगा रहता है। वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजरा भी लगाया था, लेकिन शातिर गुलदार अब तक पकड़ में नहीं आया। गुलदार की दहशत के चलते ग्रामीणों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। वहीं वन विभाग के अधिकारियों ने भी क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता बने होने की बात कही है। डीएफओ ने बताया कि गुलदार को पकड़ने के लिए क्षेत्र मे पिंजरा लगाया गया है। प्रभावित इलाकों में वनकर्मी लगातार गश्त कर रहे हैं।