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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित विश्वप्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में एक और बाघ की मृत्यु हो गई है। बता दें कि 6 दिन के भीतर यह दूसरे बाघ की मृत्यु हुई है। इससे पहले भी कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में 15 मार्च को एक बाघ का शव मिला था। 6 दिन के भीतर-भीतर दूसरे बाघ की मृत्यु के बाद से कॉर्बेट प्रशासन में भी हड़कंप मचा हुआ है। गौर करने वाली बात यह है कि दोनों शवों की एक जैसी स्थिति थी। जी हां, अधिकारी भी इस बात से हैरान हैं कि आखिर 6 दिन के भीतर कॉर्बेट के अंदर दो बाघों की कैसे मृत्यु हो सकती है। हालांकि कॉर्बेट के अधिकारी दोनों बाघों की मृत्यु के पीछे आपसी संघर्ष को मुख्य वजह मान रहे हैं और उन्होंने हमलावर बाघ का पता लगाने के लिए वन के अंदर कैमरे लगा दिए हैं। कॉर्बेट प्रशासन के अधिकारियों ने आशंका जताई है कि दोनों बाघों ने किसी ताकतवर बाघ के हमले में अपनी जान गंवा दी है। मगर फिर भी इस बात पर यकीन करना मुश्किल है। बीते 15 मार्च को ही कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला पर्यटन जोन में एक बाघ का शव मिला था और बाघ का पिछला हिस्सा किसे जंगली जानवर द्वारा खाया गया लग रहा था और उसकी नाक और गले की हड्डी टूटी हुई थी। जिसके आधार पर वन विभाग ने उसकी मौत का कारण आपसी संघर्ष होना बताया था।