चमोली आपदा: रैणी गांव में चमत्कार..गर्भगृह में सुरक्षित मिली मां काली की मूर्ति

ग्रामीणों का कहना है कि मूर्ति उसी स्थान पर मिली, जहां इसे स्थापित किया गया था। भीषण आपदा के दौरान भी मां काली की मूर्ति का यथास्थान पर रहना दैवीय चमत्कार है।
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Raini village Kali Devi. Devi Kali Murti Raini Village: Statue of Goddess Kali in Raini village
Image: Statue of Goddess Kali in Raini village

चमोली: कहते हैं कुदरत के करिश्मे के सामने इंसान और विज्ञान की सोच छोटी हो जाती है। विज्ञान जहां खत्म होता है, वहां से कुदरत का करिश्मा शुरू होता है। ऐसा ही नजारा चमोली जिले के रैणी गांव में देखने को मिला है। जी हां, वही रैणी गांव जहां बीते 7 फरवरी को आई आपदा ने सैकड़ों लोगों की जान ले ली थी। सब कुछ तबाह कर दिया था। इसी आपदा में तबाह एक मंदिर में स्थापित मां काली की मूर्ति को ग्रामीणों ने खोज निकाला है। ग्रामीणों का कहना है कि मूर्ति उसी स्थान पर मिली, जहां इसे स्थापित किया गया था। भीषण आपदा के दौरान भी मां काली की मूर्ति का यथास्थान पर रहना दैवीय चमत्कार है। मां की मूर्ति के साथ ही देवी के आभूषण भी मिल गए हैं। बीते सात फरवरी को तपोवन क्षेत्र में आई आपदा के दौरान रैणी गांव में स्थित मां काली का मंदिर पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था।

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आपदा का सैलाब गुजरा तो मंदिर मलबे में दबा रह गया। मां काली में यहां के लोगों की अपार श्रद्धा है। उन्हें लोग क्षेत्र की रक्षक देवी मानते हैं। आपदा के बाद जिंदगी थोड़ा संभली तो क्षेत्र के ग्रामीणों ने मां काली की मूर्ति की तलाश शुरू कर दी। रविवार को ग्रामीणों ने देवी मंदिर के स्थल पर खुदाई का कार्य शुरू किया। इस दौरान मंदिर के गर्भगृह स्थल पर ही मां काली की मूर्ति मिल गई। ग्रामीणों ने कहा कि भीषण आपदा के दौरान भी मां काली इस गांव को छोड़कर नहीं गई। आपदा के चलते मूर्ति का एक हाथ खंडित हो गया है, लेकिन मूर्ति के साथ ही मां काली के श्रृंगार की सामग्री भी खुदाई के दौरान मिल गयी है। मां काली की मूर्ति के गर्भगृह के स्थान पर मिलने को ग्रामीण दैवीय चमत्कार मान रहे हैं। अब ग्रामीण यहां एक मंदिर निर्माण की योजना बना रहे हैं, ताकि मां काली की पौराणिक प्रतिमा पूरे विधि-विधान से मंदिर में स्थापित की जा सके।