बड़ी खबर: देहरादून में रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू

प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कोरोना को लेकर बड़ा फैसला लिया।देहरादून में रात 10 से सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा।
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Coronavirus in uttarakhand: Night curfew in Dehradun
Image: Night curfew in Dehradun

देहरादून: मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को राज्य सचिवालय में हुई। प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कोरोना को लेकर बड़ा फैसला लिया।देहरादून में रात 10 से सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा। वहीं, तीरथ कैबिनेट ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के गैरसैंण मंडल के फैसले को स्थगित कर दिया है।इसके अलावा बैठक में स्कूलों को लेकर भी प्रस्ताव रखा गया। 12 मार्च को हुई तीरथ सरकार की पहली कैबिनेटबैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेकर सरकार ने लोगों को बड़ी राहत दी थी। सरकार ने फैसला लिया था किलकडाउन के दौरान कोविड महामारी अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन करने पर दर्ज मुकदमों को सरकार वापस लेगी। प्रदेश सरकार ने इस बार बजट सत्र ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण-भराड़ीसैंण में मार्च माह में आयोजित किया था। माना जा रहा था कि सत्र दस मार्च तक चलेगा लेकिन अचानक ही छह मार्च को सत्र बेमियादी समय तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

इसे प्रदेश में सत्ता पक्ष में हुए नेतृत्व परिवर्तन से भी जोड़कर देखा गया। अब विधानसभा सचिवालय की ओर से बजट को समाप्त करने की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। प्रदेश सरकार की ओर से गैरसैंण में पारित वित्त विनियोग विधेयक को हाल ही में राजभवन से मंजूरी मिली है। राज्य सरकार ने 5वीं तक के प्राइमरी तक के बच्चों के लिए भी 15 अप्रैल से कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया है। बढ़ते कोरोना मामलों के बीच सरकार का यह फैसला अभिभावकों के गले नहीं उतर रहा है। अभिभावकों का कहना है कि कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजना किसी खतरे से खाली नहीं है। क्योंकि, स्कूल भी अभिभावकों को खुद के रिस्क पर स्कूल भेजने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि फिलहाल छोटे बच्चों के लिए स्कूल खोलने के निर्णय पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए और स्कूलों को पहले की तरह अनलाइन क्लास से बच्चों को पढ़ाने के निर्देश दे।