उत्तराखंड: कोरोना ने बढ़ाई टेंशन, लागू हुए नए आदेश..नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

उत्तराखंड में बढ़ते हुए कोविड केसों को देखते हुए पिछले साल कोरोना नियंत्रण के तहत बनाए गए आदेश राज्य में एक बार फिर से लागू हो चुके हैं और नियम तोड़ने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
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Coronavirus in uttarakhand: Coronavirus Guideline in Uttarakhand
Image: Coronavirus Guideline in Uttarakhand

देहरादून: उत्तराखंड कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहा है। परिस्थितियां हाथ से बाहर जा चुकी हैं और उत्तराखंड में लोग तेजी से संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। यह वायरस आखिर कितना खतरनाक और जानलेवा है इसकी एक झलक पिछले साल हम देख चुके हैं और पिछले साल जो हुआ इस बार भी वही हो रहा है। उत्तराखंड में परिस्थितियां बेकाबू हो रही हैं। ऐसे में राज्य सरकार और सभी जिला प्रशासन ने कोरोना की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने की शुरुआत कर दी है और जिन जिलों में कोरोना आउट ऑफ कंट्रोल हो रहा है वहां पर सख्ती लग चुकी है। वहीं इसी बीच उत्तराखंड में कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए इस पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार की ओर से सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। पिछले साल जितने भी आदेश कोरोना नियंत्रण से जुड़े हुए थे उनको राज्य में एक बार फिर से लागू कर दिया गया है। प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ पंकज पांडे की ओर से सभी जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं। चलिए आपको बताते हैं कि सरकार ने कोरोना की रोकथाम के लिए और कोरोना नियंत्रण के लिए क्या-क्या निर्देश दिए हैं।

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सबसे पहले तो स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी वस्तुओं की जमाखोरी करने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। होम आइसोलेट हो रखे सभी मरीजों के ऊपर स्वास्थ्य विभाग नजर रखेगा और दिन में कम से कम एक बार उनसे उनके स्वास्थ्य के बारे में बात की जाएगी और इसके लिए कंट्रोल रूम में अफसर तैनात किए जाएंगे। मरीज के पॉजिटिव आने के 4 घंटे के भीतर भीतर उनको मेडिकल किट दी जाएगी। सही सूचना का प्रसारण करना होगा ताकि उत्तराखंड में भ्रम की स्थिति ना फैले और अफवाह ना उड़े। कांटेक्ट ट्रेजिंग का काम भी उत्तराखंड में सख्ती से किया जाएगा। सरकारी लैब के साथ-साथ प्राइवेट लैब में भी कोरोना की टेस्टिंग की जाएगी। कोविड-19 सेंटरों में एंबुलेंस, सीसीटीवी की निगरानी दवा उपकरण आदि की सुविधा में कोई भी कमी नहीं आएगी। इसी के साथ कोविड-19 की सुविधा वाले निजी अस्पतालों को रोजाना दवा, उपकरणों और मरीजों की स्थिति का अपडेट राज्य सरकार को देना होगा। इसी के साथ देहरादून जिले में नाइट कर्फ्यू लगाया जा चुका है। 30 अप्रैल तक देहरादून जिले में रात के 9 बजे से लेकर सुबह के 6 बजे तक कर्फ्यू लगाया गया है। वहीं कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए देहरादून जिले में शनिवार और रविवार को साप्ताहिक बंदी भी रहेगी।

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देहरादून के अलावा अन्य जिलों में भी 30 अप्रैल तक हर रविवार को साप्ताहिक बंदी रहेगी। वहीं मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा है कि होम आइसोलेशन के लिए सभी जरूरी प्रोटोकॉल का पालन किया जाए और होम आइसोलेशन वालों को जरूरी किट दी जाए। इसी के साथ उन्होंने कहा कि होम आइसोलेट हो रखे मरीजों के साथ स्वास्थ्य विभाग लगातार संपर्क में रहेगा और उनसे उनका स्वास्थ्य के बारे में लगातार अपडेट लेगा। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जरूरी दवाइयों की कालाबाजारी पर अफसरों को सख्ती करने के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे दवा विक्रेताओं को चिन्हित करें जो इस मुश्किल समय में दवाइयों की कालाबाजारी कर रहे हैं और उनको महंगे दामों में बेच रहे हैं। उन्होंने अफसरों को ऐसे दवा विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दे दिए हैं। इसी के साथ तीरथ सिंह रावत ने दवाइयों की कीमत पर नियंत्रण रखे जाने के लिए आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जिन जिलों में ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं वहां पर नोडल अधिकारी तैनात किए जाएंगे और उन जिलों में अधिक से अधिक टेस्टिंग पर फोकस किया जाएगा।