बड़ी खबर ये है कि इस आपदा के बाद 32 लोग लापता बताए जा रहे हैं। सुमना में बीआरओ के दो शिविरों में कुल 430 मजदूर व कार्मिक मौजूद थे।
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Komal Negi
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Image: 32 people missing in Chamoli glacier accident
चमोली: उत्तराखंड के सीमांत जिले चमोली को न जाने किसकी बुरी नजर लग गई है। फरवरी में यहां नीती घाटी में ग्लेशियर टूटने के बाद जमकर तबाही मची थी। हादसे में सैकड़ों लोगों की जान चली गई, कई शव अब तक नहीं मिले हैं। ये जिला किसी तरह आपदा के दंश से उबर ही रहा था कि अब सुमना में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कैंप के पास ग्लेशियर टूटने की घटना हुई है। ग्लेशियर टूटकर मलारी-सुमना सड़क पर आ गया। बीती रात तक किसी तरह के जान-माल का नुकसान न होने की बात कही जा रही थी, लेकिन ताजा रिपोर्ट के मुताबिक घटनास्थल से 8 शव बरामद कर लिए गए हैं। इसके अलावा बड़ी खबर ये है कि इस आपदा के बाद 32 लोग लापता बताए जा रहे हैं। सुमना में बीआरओ के दो शिविरों में कुल 430 मजदूर व कार्मिक मौजूद थे। जिनमें से 384 को सेना द्वारा रेस्क्यू कर सकुशल बचा लिया गया। 8 शव मिले हैं, 6 घायल हैं और 32 लापता बताए जा रहे हैं। जिनको ढूंढने के लिए सेना रेस्क्यू आपरेशन में जुटी है।
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भूस्खलन की वजह से 4 से 5 जगहों पर सड़क का कटाव हुआ है। बीआरटीएफ की टीमें सुमना तक की रोड को साफ करने के लिए काम कर रही हैं। पूरे रास्ते को साफ करने में 6 से 8 घंटे लग सकते हैं। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक मौके से 8 डेड बॉडी भी रिकवर हुई हैं। पिछले तीन दिनों से नीती घाटी में जमकर बर्फबारी हो रही है. मलारी से आगे जोशीमठ-मलारी हाईवे भी बर्फ से ढक गया है, जिससे सेना और आईटीबीपी के वाहनों की आवाजाही भी बाधित हो गई है। डीजीपी अशोक कुमार के मुताबिक खराब मौसम के कारण अभी सही स्थिति की जानकारी नहीं मिल पा रही है। टीमों को स्थिति का जायजा लेने के लिए रवाना कर दिया गया है। आईटीबीपी के जवान सुरक्षित हैं। सीएम तीरथ सिंह रावत ने मौके का वीडियो भी शेयर किया है। आप भी देखिए