चमोली में क्यों आई बड़ी आपदा..वैज्ञानिकों ने किया बड़ा खुलासा..आप भी जानिए

वाडिया इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक कहते हैं कि सुमना में आपदा स्नो एवलांच की वजह से आयी है। दरअसल बीते कुछ वक्त से उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है।
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Chamoli Glacier Broken: Scientists opinion on Chamoli disaster
Image: Scientists opinion on Chamoli disaster

चमोली: फिर से वो ही तबाही का मंजर, फिर से एक बार चमोली जिला बड़े हादसे से थर्रा उठा। कुछ वक्त पहले रैणी गांव में आपदा आई थी और अब सुमना में जमीन डोल उठी। सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर क्यों? हुआ क्या था? कैसे अचानक पूरी घाटी बर्फ की सफेद चादर में सिमट गई? सीएम तीरथ सिंह रावत भी मौके पर गए और हालात का जायजा लिया। उधर वैज्ञानिकों ने इस बारे में कुछ खास बातें बताई हैं। वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन के वैज्ञानिक कहते हैं कि सुमना में आपदा स्नो एवलांच की वजह से आयी है। दरअसल बीते कुछ वक्त से उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है। कई टन भारी वो बर्फ सरककर नीचे आ गयी, जो एक बड़ी आपदा का कारण बनी। लोगों पर एक साथ सैकड़ों टन बर्फ गिरने से वो लोग इसकी चपेट में आ गए। वैज्ञानिक कहते हैं कि ऐसे क्षेत्रों में इस प्रकार का एवलांच आना आम बात है।

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इससे पहले फरवरी में चमोली जिले में एवलांच आने और हैंगिंग ग्लेशियर टूटने की वजह से आपदा आई थी। रिसर्च कहती है कि इस वक्त चमोली जिले में जो आपदा आई है वो सिर्फ स्नो एवलांच आने की वजह से ही आई है। जहां ये आपदा आई है, उसके नीचे कंस्ट्रक्शन चल रहा था। जिस जगह पर बर्फबारी हुई है वहां स्लोप है और इस वजह से सारी बर्फ नीचे की ओर खिसक गयी। जिसके चलते जान-माल का नुकसान हुआ है। जितनी आपदाएं उत्तराखँड ने अब तक झेली हैं, उसे देखकर लगता है कि आपदा और उत्तराखंड एक ही सिक्के के दो पहलू बन गए हैं। धरती से लगातार होता खिलवाड़, जंगलों की आग, भू-धंसाव, भूकंप, भूस्खलन और न जाने कितनी आपदाएँ उत्तराखंड हर साल झेल रहा है। संभलने का वक्त है। धरती से खिलवाड़ हमें भविष्य में किस आपदा से मुलाकात करवाएगा, कोई नहीं जानता।