मैदानी इलाकों के साथ अब पहाड़ों में भी कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़ने लगी है। 10 जिलों में 219 इलाके सील किए गए हैं।
-
Komal Negi
-
Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
Image: Containment zone in uttarakhand 29 April
देहरादून: सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद कोरोना संक्रमण की रफ्तार थम नहीं रही। गुरुवार को प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 6251 नए केस मिले। संक्रमण रोकथाम के लिए 10 जिलों में 219 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। देहरादून जिले में सबसे ज्यादा 52 इलाके सील हैं। यहां शहर में फॉरेस्ट कॉलेज, तिब्बतन होम्स बिल्डिंग और बंजारावाला समेत 45 इलाके सील हैं। विकासनगर में ग्राम विधोली और ग्राम कंडोली समेत 3 कंटेनमेंट जोन हैं। ऋषिकेश में सुमन विहार और डोईवाला में वार्ड नंबर-13 कंटेनमेंट जोन है। कालसी में दो कंटेनमेंट जोन हैं।
यह भी पढ़ें - पहाड़ के लमगड़ा ब्लॉक की श्वेता को बधाई..केरल में बनी SDM, पिता का सिंर गर्व से ऊंचा
हरिद्वार के रुड़की में आईआईटी रुड़की कैंपस और पतंजलि योगपीठ समेत 4 इलाके सील हैं। लक्सर में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और ग्राम गोरधनपुर सील हैं। हरिद्वार शहर में आर्य वानप्रस्थ आश्रम कंटेनमेंट जोन है। भगवानपुर में भी दो कंटेनमेंट जोन है। नैनीताल में 37 कंटेनमेंट जोन हैं। यहां हल्द्वानी में नवाबी रोड, कलावती चौराहा, जज फार्म और अमरावती कॉलोनी समेत 34 इलाके सील हैं। रामनगर में दो कंटेनमेंट जोन हैं। गरमपानी बाजार को भी कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। पौड़ी के श्रीनगर में होटल चंद्रलोक, स्वर्ग आश्रम और परमार्थ निकेतन कंटेनमेंट जोन हैं। यहां ग्राम डूब को भी कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। कोटद्वार में 7 कंटेनमेंट जोन हैं। चाकीसैंण में पैठाणी महाविद्यालय सील है। उत्तरकाशी में भी स्थिति बिगड़ रही है। यहां कुल 35 कंटेनमेंट जोन हैं। भटवाड़ी में 14, डुंडा में 2 और जोशियाड़ा में 3 इलाके सील हैं।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: कोरोना पॉजिटिव महिला का सुरक्षित प्रसव..डॉक्टर ने PPE किट पहनकर कराई डिलिवरी
पुरोला में पांच कंटेनमेंट जोन हैं। बड़कोट में नगर पालिका के 6 वार्ड समेत 11 कंटेनमेंट जोन हैं। ऊधमसिंहनगर जिले में 43 कंटेनमेंट जोन हैं। यहां किच्छा में वार्ड नंबर एक सील है। रुद्रपुर में मेट्रो पोलिस सिटी के कई इलाकों समेत 30 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। काशीपुर में रानी पद्मावती कॉलोनी समेत 4 कंटेनमेंट जोन हैं। सितारगंज में 7 और गदरपुर में 1 कंटेनमेंट जोन है। चंपावत के टनकपुर में रोडवेज कॉलोनी समेत 11 कंटेनमेंट जोन हैं। चंपावत में दो कंटेनमेंट जोन हैं। बनबसा और लोहाघाट में भी 3 इलाके सील हैं। बाड़ाकोट और पाटी में भी दो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। चमोली के गैरसैंण में कुसरानी बिछली सील है, यहां घाट और कर्णप्रयाग में भी दो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। नई टिहरी में शिवालिक कंपनी, राजकीय नर्सिंग कॉलेज समेत 5 कंटेनमेंट जोन हैं। नरेंद्रनगर में 2, कीर्तिनगर और घनसाली में दो कंटेनमेंट जोन हैं। रुद्रप्रयाग में ऊखीमठ स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय परिसर को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है।