कोरोना से मौत के मामले में उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में पहले स्थान पर पहुंच गया है। जबकि पूरे देश में उत्तराखंड का 9वां स्थान है। जाहिर है ऐसा रिकॉर्ड कोई नहीं बनाना चाहेगा।
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Komal Negi
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Image: Uttarakhand at number 9 in case of corona infection
देहरादून: प्रदेश में कोरोना हर दिन डराने वाले रिकॉर्ड बना रहा है। संक्रमण के मामले बढ़ने के साथ चिंता इस बात की भी है कि राज्य में मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। सोमवार को 168 मरीज कोरोना से जंग हार गए। कोरोना से मौत के मामले में उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में पहले स्थान पर पहुंच गया है। पूरे देश के आंकड़ों पर गौर करें तो अपना प्रदेश टॉप टेन राज्यों में है। यहां कोविड से प्रति एक लाख पर 33 मौतें हुई हैं। हालत ये है कि मरीजों को अस्पताल में जगह नहीं मिल रही, जो लोग कोरोना से जान गंवा रहे हैं, उनके लिए श्मशान घाट में लकड़ियां कम पड़ने लगी हैं। इलाज ही नहीं अंतिम संस्कार तक के लिए परिजनों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जो कि उनके दर्द को बढ़ा रहा है।
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कोरोना से मौत के मामले में उत्तराखंड 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 9वें नंबर पर है। इस मामले में उत्तराखंड ने यूपी, बिहार जैसे बड़े राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। यूपी एक लाख पर 8 मौत के साथ 27वें स्थान पर है, जबकि बिहार प्रति लाख पर तीन मौत के साथ 33वें स्थान पर है। वहीं मध्य प्रदेश 24वें और राजस्थान 28वें स्थान पर हैं। कोविड से मौत के मामले में दिल्ली नंबर वन पर है। यहां प्रति लाख की आबादी पर 116 की कोविड से मौत हुई। जबकि गोवा 112 मौत के साथ दूसरे, पुडुचेरी 80 मौत के साथ तीसरे, महाराष्ट्र 67 मौत के साथ चौथे, चंडीगढ़ 52 मौत के साथ पांचवें और लद्दाख 51 मौत के साथ छठे स्थान पर है। वहीं छत्तीसगढ़ 41 मौत के साथ सातवें और पंजाब 80 मौत के साथ आठवें स्थान पर है
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इसके बाद उत्तराखंड प्रति लाख पर 33 मौत के साथ नौवें और कर्नाटक दसवें स्थान पर है। सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन ने भी कोरोना से मौत के बढ़ते आंकड़ों पर चिंता जताई है। फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल ने कहा कि इस वक्त शासन का पूरा फोकस राज्य के मैदानी हिस्सों पर है, यहां संक्रमण ज्यादा है, लेकिन उससे निपटने के लिए स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा भी पहले से मौजूद है। हमें पहाड़ी जिलों की भी चिंता करनी होगी, जहां पिछले एक हफ्ते में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं। वहीं मुख्य सचिव ओम प्रकाश का कहना है कि राज्य में लोग गंभीर स्थिति होने पर ही अस्पताल आ रहे हैं, जिससे मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। लोगों से अपील है कि लक्षण नजर आते ही है सावधानी बरतें। डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।