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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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चमोली: बिजली-पानी। हमारी मूलभूत जरूरतों में से एक। गर्मी के मौसम में जरा सी देर के लिए भी बिजली जाती है, तो हमें बेचैनी होने लगती है। बिजली नहीं आती, तो पानी की सप्लाई भी नहीं होती, जिससे दिक्कतें बढ़ती हैं। उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में रहने वाले लोग इन दिनों इसी तरह की दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। प्रदेश में पिछले चार दिन से भारी बारिश का दौर जारी है। भूस्खलन के चलते कई जगह सड़कें बह गईं तो कहीं पोल गिरने की वजह से बिजली की सप्लाई ठप हो गई है। चमोली जिले के 350 गांव भी पिछले 24 घंटों से बिजली की आपूर्ति सुचारू होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन ये इंतजार खत्म ही नहीं हो रहा। यहां श्रीनगर से चमोली जनपद के लिए सप्लाई हो रही 66 केवी की विद्युत लाइन में फाल्ट आने से जिले के दशोली, घाट और जोशीमठ ब्लॉक के करीब 350 गांवों में बिजली की सप्लाई ठप पड़ी हुई है। बदरीनाथ हाईवे नरकोटा के समीप अवरुद्ध है, जिस वजह से देर शाम तक भी यहां विद्युत लाइन के सुधारीकरण का काम शुरू नहीं हो पाया। एक तो बारिश ने वैसे ही कहर ढाया हुआ है, उस पर गांव में बिजली भी नहीं आ रही।