उत्तराखंड: चट्टान टूटने से ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे बंद, जरूरी सामान की सप्लाई ठप

ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे बंद होने की वजह से रुद्रप्रयाग और चमोली जिले में जरूरत के सामान की आपूर्ति ठप हो गई है।
Advertisement केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
Rishikesh Badrinath Highway Landslide: Landslide on Rishikesh Badrinath Highway
Image: Landslide on Rishikesh Badrinath Highway

श्रीनगर गढ़वाल: पहाड़ में लगातार जारी बारिश आफत का सबब बनने लगी है। जगह-जगह रोड ब्लॉक है, वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी है। मानसून के आने में फिलहाल देरी है, लेकिन प्रदेश में अभी से हालात बिगड़ने लगे हैं। बारिश से मची तबाही की ऐसी ही एक तस्वीर रुद्रप्रयाग जिले से आई है। यहां ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर देर रात रुद्रप्रयाग और श्रीनगर के बीच नरकोटा के पास पहाड़ी दरक गई थी, जिस वजह से रोड ब्लॉक है। पिछले 12 घंटों से ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे बंद पड़ा है। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लगी है, रास्ते में फंसे लोग बेहाल हैं। वाहन चालक घंटों से सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन ये इंतजार खत्म ही नहीं हो रहा। हाईवे पर लंबा जाम लगा हुआ है, अभी भी हाईवे खुलने के कोई आसार नहीं हैं। रोड ब्लॉक होने की सूचना पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच चुकी है। रास्ते से मलबा हटाने का काम जारी है।

यह भी पढ़ें - देहरादून, ऋषिकेश, हल्द्वानी में प्रसन्न हुई ‘मां प्रकृति’, कर्फ्यू से शुद्ध हुई हवा..देखिए आंकड़े
हाईवे के दोनों ओर पोकलैंड मशीन मलबा साफ करने में लगी हुई हैं, लेकिन फिलहाल हाईवे खुलने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही। रोड बंद होने की वजह से रुद्रप्रयाग और चमोली जिले में लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। जिले में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति ठप पड़ चुकी है। हाईवे पर अभी भी लगातार मलबा गिर रहा है, जिस वजह से हाईवे को खोलने में दिक्कतें हो रही हैं। जिस जगह रोड ब्लॉक हुई है, वो रुद्रप्रयाग से 7 किलोमीटर आगे है। यहां बदरीनाथ हाईवे पर इन दिनों चारधाम परियोजना के तहत कार्य चल रहा है। बीती रात नरकोटा से आगे हाईवे पर पहाड़ी से अचानक भारी मलबा गिर गया था, जो अभी तक साफ नहीं हो पाया है। रोड पर पिछले 12 घंटों से वाहनों की आवाजाही ठप है। जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।