Advertisement
ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
चमोली: 7 फरवरी को चमोली जिले में आई आपदा ने समूचे देश को हिला कर रख दिया था। एक ऐसा दिन जिसको उत्तराखंड कभी नहीं भूल सकेगा। पल भर में न जाने कितनों के घर उजड़ गए। न जाने कितने ही लोग आपदा की चपेट में आए और उनकी जान चली गई। सैकड़ों परिवारों के चिराग बुझ गए। सैकड़ों लोग ऋषि गंगा के सैलाब में लापता हो गए थे जिनका अभी तक पता नहीं लग सका है। ऋषि गंगा नदी में बीती 7 फरवरी को आए सैलाब में लापता हुए लोगों को अब चमोली जिला प्रशासन मृत घोषित करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। जी हां, चमोली जिला प्रशासन ने सैलाब में लापता हुए 93 व्यक्तियों को मृत घोषित कर दिया है जिनमें से 29 मजदूर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर-खीरी के निवासी हैं और अन्य लापता व्यक्तियों को भी मृत घोषित करने की प्रक्रिया चल रही है।