साहस की एक कहानी रानीखेत से आई है। जहां अपनी जान आफत में देख एक युवक गुलदार से भिड़ गया। युवक की बहादुरी देख गुलदार को भी पीछे हटना पड़ा। पढ़िए पूरी खबर
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कोमल नेगी
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: Nandan Singh of Almora defeated Leopard in a fight
अल्मोड़ा: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में हिंसक जानवर दहशत का सबब बने हुए हैं। कहीं हाथियों का आतंक चरम पर है, तो कहीं गुलदार बस्तियों में घुसकर लोगों पर हमला कर रहे हैं। ताजा मामला अल्मोड़ा के रानीखेत का है। यहां द्वाराहाट ब्लॉक के बैनारी ग्राम पंचायत में गुलदार ने एक युवक पर हमला कर दिया, लेकिन युवक बहादुर निकला। उसने गुलदार के सामने हार मानने की बजाय उससे दो-दो हाथ करने की ठान ली। वो साहस का परिचय देते हुए गुलदार से भिड़ गया। युवक काफी देर तक गुलदार से जूझता रहा, उसकी हिम्मत ने गुलदार को भी भागने पर मजबूर कर दिया। इस तरह युवक की जान तो बच गई, लेकिन हमले में वो बुरी तरह जख्मी हुआ है। युवक को इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है। पीड़ित का नाम नंदन सिंह है। बैनाली ग्राम पंचायत के बुढाईजर तोक निवासी नंदन सिंह अपने पालतू मवेशियों को चराने गांव के पास ही खेतों में गया था।
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इसी दौरान झाड़ियों में छिपे गुलदार ने उस पर हमला बोल दिया। गुलदार को सामने देख अच्छे-अच्छों की हिम्मत जवाब दे जाती है, लेकिन नंदन सिंह डरा नहीं। उसने हाथ में पकड़े डंडे से गुलदार पर वार करने शुरू कर दिए। युवक काफी देर तक गुलदार का सामना करता रहा। नंदन के हमलावर रुख को देखते हुए गुलदार कुछ देर बाद जंगल की ओर भाग गया, मगर इस घटना में नंदन सिंह बुरी तरह जख्मी हो गया। बाद में स्थानीय ग्रामीण घायल नंदन सिंह को इलाज के लिए सीएचसी द्वाराहाट लेकर आये। घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के मुताबिक क्षेत्र में गुलदार के हमले की कई घटनाएं पहले भी हुई हैं। वो वन विभाग से इस बारे में शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन गुलदार को पकड़ने के लिए अब तक कोई इंतजाम नहीं किए गए। उन्होंने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के साथ ही गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।