गढ़वाल: गोदांबरी देवी को निवाला बनाने वाली मादा गुलदार ढेर..शिकारी जॉय हुकिल ने मार गिराया

गोदांबरी देवी की मौत के 10 घंटे के भीतर ही शिकारी जॉय हुकिल ने आदमखोर को मार गिराया।
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
Pauri Garhwal News: Leopard got hit in Pauri Garhwal
Image: Leopard got hit in Pauri Garhwal

पौड़ी गढ़वाल: पौड़ी गढ़वाल में आतंक का एक अध्याय खत्म हो गया। यहां कोटद्वार के पोखड़ा प्रखंड में महिला को मारने वाले गुलदार को शिकारी जॉय हुकिल ने देर रात मार गिराया। गुलदार के हमले में महिला की मौत के चंद घंटे बाद ही शिकारी जॉय हुकिल ने हत्यारे गुलदार को मौत के घाट उतार दिया। जिस वक्त गुलदार को गोली लगी, उस वक्त कोटद्वार के बेस हॉस्पिटल में मृतक गोदांबरी देवी का पोस्टमार्टम हो रहा था। घटना चौबट्टाखाल तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्रामसभा डबरा की है। बीते दिन गांव में रहने वाली गोदांबरी देवी घर करीब सौ मीटर दूर खेत में गुड़ाई कर रही थी। आसपास के खेतों में अन्य ग्रामीण भी काम कर रहे थे। तभी करीब साढ़े दस बजे अचानक गुलदार ने गोदांबरी देवी की गर्दन पर झपट्टा मारा। गोदांबरी देवी की वहीं पर मौत हो गई। ये देख आस-पास मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया, लेकिन गुलदार शव के पास से नहीं हटा और शव को खाने लगा। बाद में लोगों ने पत्थर और डंडे फेंक कर गुलदार को भगाया। इसके बाद भी गुलदार पास की झाड़ियों में ही बैठा रहा। इधर गोदांबरी देवी की मौत की खबर मिलते ही गांव में गम और गुस्से का माहौल बन गया। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: आज 6 जिलो में ऑरेंज अलर्ट..भारी से भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी
वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने शिकारी तैनात न होने तक शव को मौके से नहीं उठाने दिया। ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर शिकारी जॉय हुकिल को गांव में तैनात कर दिया। तब कहीं जाकर शव को मौके से हटाया गया। इधर शिकारी जॉय हुकिल ने गोदांबरी देवी की मौत के 10 घंटे बाद ही आदमखोर को ढेर कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि गुलदार बीस दिन में तीन लोगों पर हमला कर चुका है। गोदांबरी देवी को मारने के बाद गुलदार उसके शव को ग्रामीणों के बीच से बार-बार खींचने की कोशिश कर रहा था। गांव में तीन-चार गुलदार घूम रहे हैं। बीते 21 मई को डबरा में ही गुलदार ने जयेश्वरी देवी पर भी हमला किया था। इस घटना के बाद गांव में पिंजरा लगाया गया था, जिसमें गुलदार कैद भी हुआ था। दो दिन पहले गुलदार ने एक नेपाली मजदूर पर हमला किया, जबकि गुरुवार को गुलदार ने गोदांबरी देवी की जान ले ली। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।