पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट की ढाई वर्ष की मासूम रिया का शव क्षत-विक्षत अवस्था में झाड़ियों में प्राप्त हुआ, रविवार को उठा कर ले गया था गुलदार
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Komal Negi
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Image: Leopard hunts a two and a half year old girl in Gangolihat
पिथौरागढ़: उत्तराखंड से आए दिन मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामले सामने आते हैं। पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट में हाल ही में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई थी। आपको याद होगा पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट में हाल ही में एक ढाई वर्ष की बच्ची को गुलदार अपने जबड़े में झपट कर ले गया था। हादसे के वक्त बच्ची के मां-बाप उसके साथ में मौजूद थे। गुलदार का शिकार बनी बच्ची को ढूंढने के लिए वन विभाग समेत सभी ग्रामीण दिन-रात जुटे हुए थे। इसी बीच बुरी खबर यह है कि ढाई साल की मासूम रिया का शव झाड़ियों से बरामद कर लिया गया है। बता दें कि पुलिस और ग्रामीणों ने रातभर बच्ची की खोजबीन शुरू की मगर बच्ची का कुछ भी पता नहीं लग पाया। सोमवार की सुबह वन विभाग और पुलिस समेत ग्रामीणों ने घर से 400 मीटर दूर झाड़ियों में बच्ची का क्षत-विक्षत शव बरामद किया है। रिया का शव खून से लथपथ झाड़ियों में पड़ा हुआ था।
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घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं मृतक रिया के माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल है। बीते रविवार को पिथौरागढ़ में गंगोलीहाट ब्लॉक के मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर जरमाल गांव के छाता तोक के निवासी विकास बहादुर अपनी पत्नी और अपने ढाई साल की मासूम बच्ची रिया के साथ पानी लेकर आ रहे थे। रिया अपनी मां के साथ उनका हाथ पकड़कर चल रही थी। दोनों अपने घर से तकरीबन 10 मीटर की दूरी पर थीं। जबकि विकास उन से 20 मीटर की दूरी पर थे। तभी अचानक ही वहां पर एक गुलदार आ धमका और गुलदार मासूम रिया को अपने जबड़े में दबोच कर जंगल की ओर भाग गया। इसके बाद वहां पर हड़कंप मच गया। शोरगुल सुनकर ग्रामीण भी वहां पर इकट्ठा हुए और उन्होंने वन विभाग को हादसे के बारे में सूचित किया जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जानकारी मिलने पर वन रेंजर मनोज, वन कर्मी दीवान सिंह अपनी टीम के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुए। आगे पढ़िए
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रविवार से ही रिया की खोजबीन शुरू की गई मगर रिया का सुराग नहीं मिल पाया। सोमवार को वन विभाग और पुलिस को रिया के घर से 400 मीटर दूर झाड़ियों में बच्ची का शव मिला। घटना के बाद ग्रामीणों के बीच खौफ पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने शीघ्रातिशीघ्र ही गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है। इसी के साथ गुलदार को पकड़ने की मांग भी की है। ग्रामीणों ने मृतक परिवार को मुआवजा देने की मांग भी की है। स्थानीय ग्रामीण कैलाश ने वन विभाग से शीघ्र ही गुलदार को आदमखोर घोषित करते हुए उसको मारने को भी कहा है। ग्रामीणों का कहना है यदि गुलदार को नहीं पकड़ा गया तो गांव के दूसरे लोगों पर भी जानलेवा हमला कर सकता है। वहीं वन क्षेत्राधिकारी मनोज ने बताया कि गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है और नियमों के तहत पीड़ित परिवार को मुआवजा भी दिया जाएगा