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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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ऋषिकेश: उत्तराखंड में मानसून के दस्तक देते ही तबाही का दृश्य साफ देखा जा रहा है। 13 जून को उत्तराखंड के अंदर मानसून ने दस्तक दी थी। उस समय मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई थी मगर बीते गुरुवार से उत्तराखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और लगातार हो रही भारी बरसात के कारण राज्य में गंभीर परिस्थिति उत्पन्न हो रही हैं। लगातार पहाड़ों पर भारी बरसात के कारण भूस्खलन हो रहा है। नदियां और गदेरे अपने उफान पर हैं। न जाने कितने ही लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो रखा है। नदी के किनारे रह रहे लोगों का हाल बेहाल हो रखा है। नदियों के बढ़ते हुए जलस्तर के कारण नदी का पानी लोगों के घरों के अंदर तक घुस आया है। बात करें गंगा नदी की तो ऋषिकेश में गंगा नदी का स्तर खतरे के निशान के पास पहुंच चुका है जिसके बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है और खतरे को भांपते हुए ऋषिकेश प्रशासन ने अब तक गंगा के किनारे रह रहे 300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है।