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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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पिथौरागढ़: पिथौरागढ़ में एक बार फिर आपदा जैसे हालात पैदा हो गए हैं। आसमान से बारिश की शक्ल में बरस रही आफत से लोग हलकान हैं। यहां भारत-नेपाल को बांटने वाली काली नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे लोग दहशत में हैं। उन्हें अनहोनी का डर सताने लगा है। खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिलेभर में अलर्ट जारी किया है। डीएम आनंद स्वरूप ने नदी किनारे रह रहे लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की। नदी किनारे जिन गांवों और भवनों को खतरा हो सकता है, वहां रह रहे लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों में पहुंचाने के आदेश दे दिए गए हैं। प्रशासन ने नदी किनारे और पुलों पर आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। शुक्रवार को यहां काली नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर 889.00 मीटर से ऊपर 889.60 मीटर के आसपास पहुंच गया। उफनाई काली नदी का रौद्र रूप देखकर लोगों को 2013 में आई आपदा की याद आ गई। पिथौरागढ़ से नेपाल की ओर बहने वाली काली नदी का जल स्तर बढ़ने से नेपाल के कई इलाकों में भी बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।