उत्तराखंड CM पुष्कर धामी: टुंडी गांव में हुआ था जन्म, सेना में थे पिता..जानिए उनका सफरनामा

तीन बहनों का अकेला भाई होने की वजह से वो पारिवारिक जिम्मेदारियों को भी कुशलता से निभाते रहे। वो दो बार भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं।
Advertisement केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
Pushkar Singh Dhami: Know all about CM Pushkar Singh Dhami
Image: Know all about CM Pushkar Singh Dhami

पिथौरागढ़: उत्तराखंड में पिछले चार दिनों से चल रहे सियासी ड्रामे का शुक्रवार को सीएम तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के साथ पटाक्षेप हो गया। पुष्कर सिंह धामी के तौर पर प्रदेश को जल्द ही नया सीएम मिलने वाला है। चलिए आपको खटीमा विधायक पुष्कर सिंह धामी के राजनीतिक सफर के बारे में बताते हैं। पुष्कर सिंह धामी का जन्म पिथौरागढ़ के टुंडी गांव में हुआ। गांव में शुरुआती पढ़ाई करने के बाद उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा हासिल की। धामी पोस्ट ग्रेजुएट हैं। उनके पास मानव संसाधन प्रबंधन में मास्टर डिग्री है। पुष्कर सिंह धामी कॉलेज के दिनों में ही एबीवीपी से जुड़ गए थे। लखनऊ विश्वविद्यालय में धामी छात्र समस्याओं को उठाने के लिए जाने जाते थे। साल 1990 से 1999 तक वो एबीवीपी में विभिन्न पदों पर रहे। छात्र राजनीति के दिनों में वो यूपी में एबीवीपी के प्रदेश महामंत्री भी रहे हैं। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - अभी अभी: उत्तराखंड के नए सीएम बने पुष्कर सिंह धामी
पुष्कर सिंह धामी के पिता सेना में थे, इसलिए समाज और देश के लिए कुछ करने की शिक्षा उन्हें परिवार से मिली। तीन बहनों का अकेला भाई होने की वजह से वो पारिवारिक जिम्मेदारियों को भी कुशलता से निभाते रहे। वो दो बार भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। इस दौरान युवा बेरोजगारों को एकजुट कर उन्होंने साल 2002 से 2008 तक छह सालों तक लगातार पूरे प्रदेश में विशाल रैलियां निकालीं, कई सम्मेलन आयोजित किए। उनकी कोशिशों के चलते ही राज्य के उद्योगों में स्थानीय युवाओं के लिए 70 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू हो पाई। साल 2005 में उन्होंने प्रदेश के युवाओं संग मिलकर विधानसभा के घेराव के लिए ऐतिहासिक रैली निकाली थी, जिसे आज भी याद किया जाता है। अब कुमाऊं के वोटर्स को साधने के लिए उन्हें सीएम पद सौंपा गया है।