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नैनीताल: सेना के जांबाज जवान बृजेश रौतेला की अब सिर्फ यादें शेष रह गई हैं। महज 22 साल की उम्र में बृजेश रौतेला देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे गए। बृजेश का परिवार रानीखेत के ताड़ीखेत में रहता है। सरना गांव के रहने वाले जवान बृजेश रौतेला दो साल पहले कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। वो तीन महीने के लिए सिक्किम स्थित नाथुलापोस्ट पर तैनात थे, जहां बुधवार को ड्यूटी के दौरान बृजेश शहीद हो गए। जब से बेटे की शहादत की खबर घर पहुंची है पिता दलवीर सिंह गुमसुम हैं, वो भर्राए गले से कहते हैं कि बृजेश उनकी ही तरह देश की सेवा करना चाहता था। साल 2019 में वो केआरसी में भर्ती हुआ। परिवार का बेटा गौरवशाली सैन्य परंपरा को आगे बढ़ा रहा था, हमें इस पर हमेशा गर्व रहेगा। ट्रेनिंग के बाद बृजेश को जम्मू के कुपवाड़ा में तैनाती मिली। इसके बाद उनकी पोस्टिंग असोम के हासिमआरा में हुई।