बड़ी खबर: उत्तराखंड में इस साल हो सकती है कांवड़ यात्रा, सरकार ले सकती है बड़ा फैसला

तीसरी लहर की आशंका के बीच खबर है कि उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा को अनुमति मिल सकती है। पढ़िए पूरी खबर
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Uttarakhand Kanwar Yatra: Kanwar Yatra may happen in Uttarakhand this year
Image: Kanwar Yatra may happen in Uttarakhand this year

हरिद्वार: क्या उत्तराखंड में जिसका डर था, वो ही होने जा रहा है? माना जा रहा है कि तीसरी लहर की आशंका के बीच राज्य सरकार कांवड़ यात्रा को अनुमति दे सकती है। बीते कुछ दिनों से कांवड़ यात्रा के संचालन के ऊपर तमाम सवाल उठ रहे थे। ऐसा माना जा रहा था कि कुंभ मेले से सीख लेने के बाद उत्तराखंड सरकार तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए यात्रा की अनुमति नहीं देगी। दरअसल कुंभ मेले का संचालन उत्तराखंड सरकार की एक बड़ी गलती थी जिसका खामियाजा समस्त प्रदेश को भुगतना पड़ा था। कुंभ मेले के कारण में प्रदेश में दूसरी लहर में दस्तक दी थी और केस बेहिसाब बढ़ रहे थे। उस समय उत्तराखंड सरकार की जमकर आलोचना की गई थी। ऐसे में तीसरी लहर की संभावनाओं को देखते हुए यात्रा रद्द करने की उम्मीद लगाई जा रही थी। अब कहा जा रहा है कि उत्तराकंड में सरकार कांवड़ यात्रा की परमीशन दे सकती है। एक न्यूज पोर्टल के हवाले से खबर है कि इस संबंध में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी से बातचीत भी की है। कुछ दिन पहले उत्तराखंड सरकार ने यह निर्णय लिया था कि राज्य में पिछले साल की तरह इस साल भी कोराना को देखते हुए कांवड़ यात्रा का आयोजन नहीं होगा और बाहरी राज्यों से लोग उत्तराखंड नहीं आ सकेंगे। आगे पढ़िए

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खबर है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ योगी से बातचीत की है। जिसके बाद कांवड़ यात्रा की संभावनाएं हैं। उत्तराखंड सरकार ने इसी वर्ष कुंभ मेले का आयोजन किया था जिसके बाद उत्तराखंड में दूसरी लहर ने दस्तक दी थी। ऐसे में यह उम्मीद जताई जा रही थी कि उत्तराखंड सरकार कुंभ मेले से सीख लेते हुए इस वर्ष कांवड़ यात्रा का आयोजन नहीं करेगी लेकिन अब कुछ अलग ही खबरें सामने आ रही हैं। इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि इस साल कांवड़ यात्रा हो सकती है। सीएम पहले ही कह चुके हैं कि पड़ोसी राज्यों के साथ व्यापक विचार विमर्श करने के बाद यात्रा के संचालन के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। वैश्विक महामारी के कारण पिछले साल कांवड़ यात्रा स्थगित कर दी गई थी। हाल ही में पुलिस अधिकारियों की बैठक में भी यही राय बनी थी कि संक्रमण की संभावित तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए कांवड़ यात्रा को स्थगित रखा जाएगा। अगर कांवड़ यात्रा होती है तो सख्त प्रोटोकॉल का पालन होगा कांवड़ यात्रा जुलाई के श्रावण महीने से शुरू हो जाती है और अगस्त की शुरुआत तक चलती है। अब देखना यह है कि सरकार का आखिरी फैसला क्या रहता है।