Advertisement
केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
उत्तरकाशी: उत्तरकाशी के मांडो गांव में आई आपदा ने कई जिंदगियों को लील लिया। हालांकि इस दौरान कुछ खुशनसीब ऐसे भी थे, जो मौत को चकमा देने में कामयाब रहे। इन लोगों का आपदा के दौरान बच जाना किसी चमत्कार से कम नहीं। 75 साल के गैणा सिंह ऐसे ही चंद खुशनसीब लोगों में से एक हैं। रविवार को जब आपदा का सैलाब आया तो गैणा सिंह मलबे से दबे घर के अंदर ढाई घंटे तक फंसे रहे। परिजनों ने उनके जीवित बचे होने की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन कहते हैं ना ‘जाखो राखे साइयां मार सके न कोय’। गैणा सिंह भी मौत को चकमा देकर बच निकले। मलबे में दबे होने के ढाई घंटे बाद इस बुजुर्ग को सकुशल निकाल लिया गया। रविवार को बारिश की शक्ल में आई आपदा ने मांडो, निराकोट और कंकराड़ी में जमकर तबाही मचाई। प्रकृति का भयावह रूप देखकर हर कोई यहां-वहां भाग रहा था। मांडो गांव में जलप्रलय ने कई घरों को जमीदोंज कर दिया। 3 लोगों की जान चली गई।