गुलदार के हमले में दो महिलाओं समेत 4 लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत है। डरे हुए लोग वन विभाग से गुलदार को पकड़ने की मांग कर रहे हैं।
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कोमल नेगी
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Image: Leopard attacks Villagers in Bhikiyasain
अल्मोड़ा: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में गुलदार आतंक का पर्याय बने हुए हैं। मंगलवार को गुलदार ने टिहरी-पिथौरागढ़ में 10 साल के मासूम समेत दो लोगों को अपना निवाला बना लिया। अल्मोड़ा के भिकियासैंण में भी गुलदार का आतंक बढ़ने लगा है। यहां गांधीनगर मोहल्ले में गुलदार एक युवक का पीछा करते हुए घर में जा घुसा। घटना के वक्त घर में कई लोग मौजूद थे। सभी ने शोर मचाकर गुलदार को भगाने की कोशिश की, लेकिन गुलदार उन पर झपट पड़ा। गुलदार के हमले में दो महिलाओं समेत 4 लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में दहशत है। डरे हुए लोग वन विभाग से गुलदार को पकड़ने की मांग कर रहे हैं। घटना गांधीनगर मोहल्ला की है। यहां नूरजहां नाम की महिला किराए के मकान में रहती है। रविवार रात करीब साढ़े 12 बजे नूरजहां का बेटा आरिश टॉयलेट जाने के लिए बाहर निकला। इस बीच गुलदार युवक के पीछे दौड़ पड़ा।
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आरिश भागकर कमरे की तरफ बढ़ा, लेकिन जब तक वो कमरे का दरवाजा बंद कर पाता, तब तक गुलदार उसका पीछा करते हुए घर में घुस गया। आरिश के चिल्लाने पर परिजन जाग गए। उन्होंने गुलदार को भगाने की कोशिश की लेकिन गुलदार भागने की बजाय नूरजहां, उसकी बेटी रिहाना, दामाद असलम और आरिश पर झपट पड़ा। इससे चारों घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। आपको बता दें कि अल्मोड़ा में गुलदार के हमले की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। यहां बाड़ीकोट में गुलदार ने एक बच्ची को निवाला बना लिया था। पनपोला में भी बच्ची पर जानलेवा हमला हुआ था, हालांकि बाद में हिंसक गुलदार को नरभक्षी होने के चलते मार दिया गया। अब यहां एक बार फिर गुलदार के हमले की घटनाएं होने लगी हैं, जिससे क्षेत्रवासी दहशत में हैं। लोगों ने वन विभाग से गुलदार प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा लगाने की मांग की, ताकि गुलदार को पकड़ा जा सके।