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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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रुद्रप्रयाग: विकास के नाम पर चल रही बड़ी परियोजनाएं पहाड़ों की सेहत बिगाड़ रही हैं। पहाड़ खोखले हो गए हैं, जिससे साल दर साल भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसा ही एक मामला रुद्रप्रयाग में सामने आया है। जहां ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के दौरान होने वाले डायनामाइट विस्फोट सैकड़ों परिवारों के लिए मुसीबत पैदा कर रहे हैं। विस्फोट के चलते मकानों पर दरारें पड़ रही हैं। 200 परिवारों पर खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा विस्फोट से मुख्य संपर्क मार्ग भी ध्वस्त हो गया है। मामला नरकोटा गांव का है। जहां ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत सुरंग निर्माण का काम चल रहा है। यहां डायनामाइट का इस्तेमाल कर पहाड़ों को तोड़ा जा रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि सुरंग निर्माण के लिए लगातार किए जा रहे डायनामाइट विस्फोटों से गांव का मुख्य संपर्क मार्ग ध्वस्त हो गया है।