रुद्रप्रयाग में डायनामाइट ब्लास्ट से कमजोर हुए पहाड़, 200 परिवारों पर मंडराया खतरा

डायनामाइट विस्फोट से मकानों में दरारें पड़ रही हैं। 200 परिवार खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। लगातार हो रहे विस्फोट से गांव का मुख्य संपर्क मार्ग भी ध्वस्त हो गया है।
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rudraprayag news: Crack in houses due to dynamite blast in Rudraprayag
Image: Crack in houses due to dynamite blast in Rudraprayag

रुद्रप्रयाग: विकास के नाम पर चल रही बड़ी परियोजनाएं पहाड़ों की सेहत बिगाड़ रही हैं। पहाड़ खोखले हो गए हैं, जिससे साल दर साल भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसा ही एक मामला रुद्रप्रयाग में सामने आया है। जहां ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के दौरान होने वाले डायनामाइट विस्फोट सैकड़ों परिवारों के लिए मुसीबत पैदा कर रहे हैं। विस्फोट के चलते मकानों पर दरारें पड़ रही हैं। 200 परिवारों पर खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा विस्फोट से मुख्य संपर्क मार्ग भी ध्वस्त हो गया है। मामला नरकोटा गांव का है। जहां ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत सुरंग निर्माण का काम चल रहा है। यहां डायनामाइट का इस्तेमाल कर पहाड़ों को तोड़ा जा रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि सुरंग निर्माण के लिए लगातार किए जा रहे डायनामाइट विस्फोटों से गांव का मुख्य संपर्क मार्ग ध्वस्त हो गया है।

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रोड लगातार धंस रही है। इस पर चलना सुरक्षित नहीं रह गया है। मार्ग का लगभग 20 मीटर हिस्सा धंस चुका है। ग्रामीण जान हथेली पर रखकर आवाजाही करने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासन उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा। टनल निर्माण के लिए प्रयोग किए जा रहे डायनामाइट विस्फोटों से गांव के करीब 200 परिवार दहशत में जी रहे हैं। ग्रामीण पिछले एक महीने से डायनामाइट विस्फोटों को लेकर आरवीएनएल और जिला प्रशासन को कई बार लिखित व मौखिक रूप से शिकायत कर चुके हैं। दो बार एसडीएम से भी मिले हैं, लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला। हाल ये है कि अब गांव का संपर्क मार्ग भी धंस गया है। पहाड़ के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी खबरें लगातार आ रही हैं। नई टिहरी में चंबा के पास ऑल वेदर रोड के धंसने से गुल्डी गांव के 12 मकान खतरे की जद में हैं। इसी तरह उत्तरकाशी के बड़ेथी में भी ऑलवेदर रोड का करीब 20 मीटर हिस्सा ढहने से कई मकानों पर खतरा मंडरा रहा है।