पहाड़ के दूसरे हिस्सों की तरह चमोली में भी इन दिनों भारी बारिश हो रही है। यहां कई गांव भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
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कोमल नेगी
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Image: Landslide in Jakh village of Chamoli district
चमोली: बारिश और भूस्खलन की वजह से उत्तराखंड के कई गांव खतरे की जद में आ गए हैं। कभी उत्तरकाशी में पहाड़ दरक रहे हैं तो कभी टिहरी में। डराने वाली ऐसी ही एक तस्वीर चमोली जिले से आई है। यहां नारायणबगड़ में पहाड़ खिसक कर सड़क पर आ गया। जिस वक्त ये घटना हुई उस वक्त सड़क पर गाड़ियों की आवाजाही हो रही थी। शुक्र है कि पहाड़ के दरकने से पहले ही वाहन चालकों ने अपने वाहन रोक लिए, वरना बड़ा हादसा हो जाता। मौके पर मौजूद वाहन चालकों ने घटना का वीडियो भी बनाया, जो कि सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है। वीडियो नारायणबगड़ विकासखंड के जाख गांव का बताया जा रहा है। चश्मदीदों ने बताया कि सड़क पर वाहनों की आवाजाही हो रही थी। तभी चल्यापाणी के पास सड़क से सटी चट्टान भरभरा कर गिर गई। चट्टान टूटने का ये वीडियो वहां खड़े वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया। गनीमत रही कि उस वक्त घटनास्थल पर कोई मौजूद नहीं था, जिससे जानमाल की क्षति नहीं हुई।
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पहाड़ के दूसरे हिस्सों की तरह चमोली में भी इन दिनों भारी बारिश हो रही है। यहां कई गांव भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कर्णप्रयाग में कोल्सों, सीरी और बगोली गांव में गुरुवार सुबह अतिवृष्टि के बाद हुए भूस्खलन से ग्रामीण मोटरमार्गों पर मलबा जमा हो गया। जिससे वाहनों की आवाजाही थम गई। सीरी-सिरपा, चूला-गबनी और जेंटाकोटी मोटरमार्गों पर भी गाड़ियां नहीं चलीं। रोड बंद होने से अपने नजदीकी मुख्यालय, तहसील और बाजार जा रहे ग्रामीणों को निराश होकर पैदल वापस लौटना पड़ा। भूस्खलन से बगोली बाजार, कोल्सों सहित अन्य गांवों में बसे परिवारों को खतरा पैदा हो गया है। गांव की पेयजल लाइनें भूस्खलन की भेंट चढ़ गईं, पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीण परेशान हैं। सिखाल केदारूखाल में भी कई मकान खतरे की जद में हैं। स्थानीय प्रशासन और लोनिवि के कर्मचारी मलबा हटाकर यातायात सुचारू करने में जुटे हुए हैं। एसडीएम वैभव गुप्ता ने बताया कि कार्यदायी संस्थाओं को मोटर मार्गों पर जमा मलबा हटाने के निर्देश दिए गए हैं।